पुलिस महानिदेशक को दिए कार्रवाई के निर्देश
राजधानी भोपाल में एनआरआई महिला को व्हाटस एप पर तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने के मामले को मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कहा कि बहन को न्याय मिलेगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे बैंगलूरूश् पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई करें। बताया जाता है कि पुलिस का एक दल जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए बैंगलुरू रवाना होगा।
राजधानी के कोहेफिजा में रहने वाली एनआरआई महिला को 12 जून को तलाक दिया था। इसके बाद वह लगातार पति को मनाने का प्रयास करती रही। बच्चों के बिछुड़ने के बाद से ही वह रिश्ता तोड़ने के पक्ष में नहीं थी। मगर उसका पति मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद पत्नी ने मजबूरन आज कोहेफिजा थाने में षिकायत दर्ज कराई। आरोपी फैज के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोहेफिजा सीएसपी नागेंद्र पटेरिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ के दहेज उत्पीड़न और मुस्मिल विवाह अधिनियम अध्यादेश-2019 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने राज्य के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी को निर्देश दिए हैं कि वे बैंगलुरू पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई करें।
पुलिस को षिकायत में महिला ने बताया कि उसका वर्ष 2001 में नूर महल में रहने वाले फैज आलम अंसारी से विवाह हुआ था। उसके बाद वे सिंगापुर चले गए। उन्होंने बताया कि 5 साल तक वहीं रहे। यहां से मलेशिया गए, जहां उन्हें एक बेटा हुआ। वहां से 2012 में वे बेंगलुरू आ गए। 2015 में एक और बेटा हुआ। इसी साल पीठ की तकलीफ के कारण मां को मदद के लिए बेंगलुरू बुला लिया। इसके बाद से ही वे नाराज रहने लगे। 10 जून की रात उन्होंने घर से बाहर निकाल दिया। भोपाल आने के बाद उन्होंने फोन पर तलाक कह दिया।
मुख्यमंत्री ने टवीट कर कही यह बात
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने इस मामले को लेकर टवीट कर कहा कि मैंने इस संदर्भ में पुलिस महानिदेशक से बात की है कि मध्यप्रदेश पुलिस, बैंगलोर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस मामले में उचित कार्रवाई करे और हमारी मुस्लिम बहन को न्याय दिलाए। मुख्यमंत्री ने लिखा कि वर्षों की लड़ाई के बाद हमारी मुस्लिम बहनों के स्वाभिमान और न्याय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने तीन तलाक खत्म करने का कानून बनाया, लेकिन अभी भी कुछ निकृष्ट लोग इस कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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