कमलनाथ सरकार के कार्यकाल की जांच के लिए गठित समिति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मध्यप्रदेष की षिवराज सरकार द्वारा कमलनाथ सरकार के 23 मार्च के बाद के 6 महीनों के फैसलों की जांच के लिए गठित समिति पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने कहा कि कहीं पिछली समिति ने व्यापमं मामले की समीक्षा तो नहीं कर दी।
मध्यप्रदेष की षिवराज सरकार द्वारा कमलनाथ सरकार के 23 मार्च 2020 से 6 माह पहले लिए फैसलों की जांच के लिए मंत्रियों की एक समिति का गठन किया गया है। सरकार द्वारा गठित की गई इस समिति पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए है। कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने सवाल उठाया है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पहली कमेटी कहीं शिवराज सिंह चैहान के व्यापमं के ई.टेंडर की समीक्षा तो नहीं कर दी घ् गुप्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामों की प्रदेश की जनता तारीफ कर रही है। भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में 100 रुपए का बिजली बिल 5 हजार कैसे हो गया इसकी भी समीक्षा होना चाहिए।
मंत्री ने कहा नई समिति सिर्फ 6 माह के कार्यकाल की करेगी जांच
नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नई कमेटी पूर्व सरकार के पिछले कार्यकालों की जांच करेगी। हर सरकार पुरानी कमेटी सरकारों के आखिरी समय में लिए गए निर्णयों की जांच करवाती है। इसमे देखा जाता है कि पिछली सरकार के गलत निर्णयों से कहीं सरकार पर बेवजह का आर्थिक बोझ तो नहीं पड़ रहा है या फिर किसी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए तो कोई निर्णय नहीं लिए गए थे।
इन मंत्रियों को ष्षामिल किया कमेटी में
मध्यप्रदेश सरकार 23 मार्च 2020 से 6 महीने पहले लिए गए कांग्रेस सरकार के सभी फैसलों की जांच करेगी। जांच के लिए 5 वरिष्ठ मंत्रियों की कमेटी बनाई गई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बिसाहूलाल सिंह को कमेटी में शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल कमेटी 13 मई 2020 के बाद से लिए गए फैसलों का रिव्यू करेगी और इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। समिति के समन्वयक के रूप में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। शिवराज सरकार का मानना है जनता को पिछली कांग्रेस सरकार के उन निर्णयों की जानकारी दी जाए जिससे जनता के हितों की अनदेखी हुई हैएइससे उपचुनाव में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनेगा।
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