बुधवार, 19 अगस्त 2020

झूठे सपने दिखा रही षिवराज सरकार


पूर्व मंत्री का आरोप, 16 करोड़ लोगों की नौकरी कर दी खत्म


प्रदेश सरकार पर झूठे सपने दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कानून लाएं फिर सपने दिखाएं, 2 करोड़ लोगों को हर साल नौकरी का वादा करके मोदी सरकार 16 करोड़ लोगों की नौकरी खत्म कर चुकी है।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने यह बात आज प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की क्या स्थिति है, लगातार अपनी छोटी-छोटी मांगों को लेकर प्रदेश के सत्तर हजार से अधिक अतिथि शिक्षक सरकार के विरोध में प्रदर्शन तथा आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की अपरिपक्व शिवराज सरकार इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है। आज प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि आगामी 5 सितंबर को देश शिक्षक दिवस के रूप में मनाएगा लेकिन, हमारे प्रदेश में सत्तर हजार से अधिक अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन तथा आंदोलन करेंगे। यह प्रदेश के इतिहास में शर्मनाक दिन होगा। जो सरकार शिक्षकों का पेट नहीं भर सकती उसे शर्म से डूब मरना चाहिए।
सिंधिया का विरोध विकास के लिए नहीं, सौदेबाजी के लिए था
वर्मा ने कहा कि मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी याद दिलाना चाहता हूं कि उन्होंने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण तथा वेतन के मुद्दे पर प्रदेश की सड़कों पर उतरने की धमकी कमलनाथ सरकार को दी थी अब वह कहां है? अब तो उनकी पार्टी की सरकार है अब शिवराज उनकी बात क्यों नहीं मान रहे या फिर वह सिर्फ अपने फायदे के लिए अतिथि शिक्षकों की बात कर रहे थे जिससे वह भाजपा के साथ डील कर पाए। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा में ष्षामिल होने के साथ ही कमलनाथ सरकार पर विकास की अनदेखी करने का आरोप लगाया, वही सिंधिया कमलनाथ सरकार द्वारा बनाई गई 4हजार करोड़ की लागत से ग्वालियर से इंदौर की सड़क का भूमि पूजन मेरी मौजूदगी में शिवपुरी में करने आए थे। यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि सिंधिया का विरोध विकास के लिए नहीं सौदेबाजी के लिए था?
6 महीने से  गृह क्षेत्र ग्वालियर क्यों नहीं गए सिंधिया?
पूर्व मंत्री ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया जो हमेशा से ही अपने क्षेत्र ग्वालियर को लेकर कहते आए हैं कि यह मेरा घर है। मैं सिंधिया से यह पूछना चाहता हूं कि वह पिछले 6 महीनों से अपने घर क्यों नहीं गए? सिंधिया के पास भोपाल जाने के लिए समय है, दिल्ली में रहने के लिए समय है, इंदौर आने के लिए समय है, लेकिन ग्वालियर जाने के लिए अपने घर जाने के लिए समय नहीं है। मैं आप सभी को यह बताना चाहूंगा की सिंधिया की छवि उनके क्षेत्र में ही ‘‘गद्दार’’ की बन गई है। वर्मा ने कहा कि जिस भाजपा नेता ने उन्हें इंदौर भोजन पर बुलाया था, वो जजमान खुद ही बंगाल भाग गया ऐसा सम्मान पहली बार दुनिया देख रही है।

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