शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

फेथ बिल्डर राघवेन्द्र के राजनीतिक संबंधों पर कांग्रेस हुई आक्रामक


मुख्यमंत्री से की मांग मंत्री अरविंद भदौरिया को पद से हटाएं

राजधानी के फेथ बिल्डर के यहां आयकर की छापेमारी के बाद उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर जो खुलासे हो रहे हैं, उसे लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। बिल्डर राघवेन्द्र तोमर की राज्य के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया से नजदीकी का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने मंत्री को पद से हटाने की मंाग की है।
प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में आज प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बिल्डर को लेकर कई रहस्य उठाए और कहा कि यह वही राघवेंद्र तोमर है जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की गाड़ी चलाते थे उनकी यह तस्वीर उस समय वायरल भी हुई थी। तोमर का नाम व्यापमं घोटाले के प्रीपीजी मामले में सामने आया था, बाद में इन्हें सरकारी गवाह बना लिया गया ?
सलूजा ने कहा कि तोमर की पहुंच सत्ता के शीर्ष पर थी और भाजपा सरकार में वर्तमान में चल रहे ट्रांसफर उद्योग में भी इनकी भूमिका की बातें समय-समय पर सामने आती रही है। कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उनके करीबी रिश्तेदार हैं। उनकी महत्वपूर्ण पोस्टिंग में इनकी भूमिका की बात सामने आती रही हैं।
मौन क्यांे हैं भाजपा के नेता
सलूजा ने कहा कि प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त और कांगे्रस सरकार के तख्तापलट में जो काली कमाई का उपयोग हुआ है, उसमें बड़ी भूमिका इन्हीं की है। वर्तमान के आयकर छापे कहीं ना कहीं उस काली कमाई की पुष्टि भी कर रहे हैं और कांग्रेस सरकार के तख्तापलट में राघवेंद्र तोमर की भूमिका और काली कमाई की ओर इशारा भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा से सवाल पूछती है कि क्या कारण है इतने बड़े आयकर छापों के बाद भाजपा और उसके जिम्मेदार तमाम नेता मौन धारण किए हुए हैं, कुछ बोलने को तैयार नहीं है? मंत्री अरविंद भदौरिया कह रहे हैं कि मैं सिर्फ राघवेन्द्र तोमर को पहचानता हूं, मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं है। जबकि उनके निकट संबंध व रिश्ते के कई प्रमाण मौजूद हैं और वह किसी से छुपे नहीं है।
तोमर से संबंध रखने वाले मंत्रियों की कराएं जांच
सलूजा ने कहा कि कांगे्रस मुख्यमंत्री से मांग करती है तत्काल मंत्री अरविंद भदौरिया को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाए और कई और भी मंत्रियों के भ्रष्टाचार की काली कमाई उक्त बिल्डर के वहां निवेश के रूप में लगाई गई है, यह बातें भी सामने आ रही हैै। इन सारी बातों की सरकार अपने स्तर पर जांच कराएं और जिन जिन मंत्रियों के निकट रिश्ते उक्त बिल्डर से है, उन सभी मंत्रियों की सरकार अपने स्तर पर जांच कराएं और जांच होने तक उन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर करें। उन्होंने मांग की कि इस बात की भी सरकार जांच कराएं कि कुछ ही वर्षों में उक्त बिल्डरों ने इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की, इनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई। 

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