माकपा ने कहा षिवराज सरकार करे निरस्त
माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की प्रदेष इकाई राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर हमलावर हो गई है। माकपा ने मांग की है कि कमलनाथ सरकार के दौरान सिंधिया को सौ रूपए में 148 एकड़ जमीन दी थी, उसे षिवराज सरकार को निरस्त करना चाहिए।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने तो राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है,वहीं आज माकपा की प्रदेष इकाई भी सिंधिया के खिलाफ मैदान में उतर आई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने जारी बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने और शिवराज सरकार के गठन के अगले ही दिन राजस्व न्यायालय में सिंधिया के खिलाफ चल रहे मुकदमों को वापस ले लिया गया। उसी समय यह आम धारणा बन गई है कि यह शिवराज सरकार सौदेबाजी से सत्ता में आई सरकार है। अब भाजपा सरकार यदि कमलनाथ सरकार के अन्य फैसलों की समीक्षा कर पलटती है और इस निर्णय को अधूरा छोड़ देती है तो यह धारणा आर पुख्ता हो जाएगी कि यह सरकार सौदेबाजी कर सत्ता में आई है और सत्ता में बने रहने के लिए सौंदेबाजी का ही सहारा ले रही है।
माकपा नेता ने कहा है कि इस भूमि की कीमत करीब 212 करोड़ आंकी गई है, मगर सिंधिया को उपकृत करने के लिए भूमि को केवल 100 रुपए की टोकन राशि के साथ सिंधिया की संस्था को 99 साल के लिए लीज पर दे दिया गया। माकपा ने कहा है कि एक बार फिर साबित हो गया है कि सिंधिया अपनी सम्पत्ति बचाने और जमीने हथियाने के लिए ही सरकारों से सौदेबाजी करते है, उनका सिद्धांतो से कोई वास्ता नहीं है। माकपा ने उक्त लीज को निरस्त करने की मांग की है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें