हो रहे हैं लोकतंत्र और संविधान पर हमलेः कमलनाथ
आजादी के आंदोलन की पवित्र भावना के साथ आज देश में कुछ राजनीतिक दल धोखा कर रहे हैं। अंग्रेजों के हाथ से इस देश की आजादी इसलिए छीनी गई थी कि हम खुद अपनी जनता के हाथ में सत्ता सौंपेंगे। जनता तय करेगी कि कौन उसका शासन संभालेगा। संविधान के माध्यम से जनता का जनता के लिए शासन स्थापित किया गया। हर 5 साल में जनता अपने लिए एक सरकार चुनती है मगर आज पैसे के बल पर प्रलोभन के बल पर जनता के द्वारा दिए गए लोकमत को खरीद कर बहुमत बनाया जा रहा है। अब कोई भी सरकार वोट से चुनी जाए । उसे भाजपा के लोग आसानी से सौदों से गिरा रहे हैं। संवैधानिक संस्थाएं पंगु हो गई हैं।
अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया था और बहन आसफ अली ने ग्वालिया टैंक पर आज के ही दिन.पवित्र तिरंगा झंडा फहराया था। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने निवास पर स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हुए यह उद्गार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि हम इन स्वतंत्रता सेनानियों के ऋणी हैं जिनकी बहादुरी ,साहस और एक-निष्ठा से यह देश आजाद हुआ। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी-बड़ी संस्थाएं बेची जा रहीं हैं ,रेलवे बेचा जा रहा है नवरत्न कंपनियां बेचीं जा रहीं हैं इस लड़ाई को लड़ने में आप कांग्रेस को आर्शीवाद दीजिए। आपकी भावनाएं लेकर हम इस लड़ाई को अंजाम देंगे। आपने गोरों को हराया था हम सौदागरों को हरायेंगे। कमलनाथ ने शाल और श्रीफल भेंट कर मुफ्ती अब्दुल रज्जाक, रिटायर्ड आईएएस देवी शरण, डॉक्टर एनके मिश्रा मोहम्मद, मुख्तार खान मोहम्मद नजर एवं कमल कलावती मिश्रा का स्वागत किया।
संविधान बनाने वालों ने नहीं सोचा होगा कि इतनी गिरावट आएगी
कमलनाथ ने कहा कि हमारे संविधान में सभी वर्गों को सामान अधिकार दिया गया है. इतने वर्षों बाद संविधान में बहुत गिरावट आई है. संविधान बनाने वालों ने कभी नहीं सोचा था कि एक समय संविधान में इतनी गिरावट आएगी। इस दौरान संविधान की रक्षा के लिए उन्होंने युवाओं से भी अपील की.
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