मंत्री का दावा, और भी कांग्रेस विधायक हैं भाजपा के संपर्क में
मध्यप्रदेष में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को दलबदल की राजनीति रोचक बनाती जा रही है। कांग्रेस के 25 विधायकों के भाजपा में ष्षामिल होने के बाद आज फिर राज्य के मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ विधायक और भाजपा के संपर्क में है। मंत्री के इस दावे के बाद कांग्रेस नेताओं में फिर विधायकों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने सक्रियता दिखानी ष्षुरु कर दी है। कांग्रेस द्वारा विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारी कार्यकर्ताओं और वहां के नेताओ से संपर्क कर बिगड़े माहौल को कांग्रेस के पक्ष में वापस लाना चाहते है। वहीं भाजपा लगातार कांग्रेस विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने का दावा कर कांग्रेस की चिंता बढ़ा देती है। आज फिर पीएचई मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने यह दावा कि कांग्रेस के कुछ और विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। इन सभी विधायकों से उनके अच्छे संबंध हैं और अगर कोई हमारे घर आएगा तो हम उसे मना नहीं कर सकते, हालांकि कंसाना ने भाजपा के संपर्क वाले विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस फिर उन विधायकों की तलाष ष्षुरु हो गई है,जो पाला बदल सकते है।
गौरतलब है कि राज्य में जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटों के विधायक ऐसे हैं, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में ष्षामिल हुए हैं। पहले 22 विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए थे, इसके बाद 3 और कांग्रेस विधायकों ने विधायकी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
श्रीलंका की तर्ज पर हो मतदान
प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने चुनाव आयोग तथा भारत के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर श्रीलंका की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी उपचुनाव शीघ्र कराने का अनुरोध किया है। वर्मा ने अपने पत्र में के माध्यम से यह मांग की कि जैसे कोरोना से बचाव करते हुए बैलेट पेपर के माध्यम से श्रीलंका में संसदीय चुनाव संपन्न हो सकते हैं तो मध्यप्रदेश में उपचुनाव क्यों नहीं? अपने पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग से श्रीलंका की तर्ज पर बैलेट पेपर के माध्यम से ही चुनाव कराए जाने की मांग की।
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