शनिवार, 29 अगस्त 2020

हाथी ने उलझाया हाथ को, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार


भाजपा देख रही अपना फायदा

मध्यप्रदेष में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव मंे बसपा ने 8 उम्मीदवारों की घोशणा करके कांग्रेस की मुसीबत बढ़ा दी है। बसपा ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वे सभी 27 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। बसपा की इस मंषा से भाजपा अपना फायदा देख रही है। भाजपा नेताओं का मानना है कि बसपा कांग्रेेस के वोट बैंक में ही सेंध लगाएगी, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।
राज्य में उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और बसपा तीनों दलों ने सक्रियता दिखानी षुरू कर दी है। भाजपा के करीब करीब प्रत्याषी तय हैं, वह पहले ही कह चुके है कि ंिसधिया समर्थक विधायक जो इस्तीफा देकर आए हैं, उन्हें मैदान में उतारा जाएगा। वहीं बसपा ने ग्वालियर चंबल अंचल की 8 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोशणा करके साफ कर दिया कि वह भी मैदान में उतरेगी। बसपा ने प्रत्याषियों की घोशणा करके एक तरह से मुकाबला अभी से त्रिकोणीय बना दिया है। इस अंचल में बसपा का अपना प्रभाव रहा है, जिसके चलते कांग्रेस की चिंता बढ़ी है। हालांकि कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया को सामने रखकर मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं, इस लिहाज से बसपा प्रत्याषियों को लेकर वे कहते हैं कि कोई विषेश नुकसान नहीं होगा, मगर भाजपा नेता इसे लेकर अभी से अपना फायदा देख रहे है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सिंधिया समर्थकों को टिकट दिए जाने के बाद जो असंतोश उभरा था, उससे कुछ हद तक संगठन ने राहत पाली है, साथ ही अब बसपा के मैदान में आने से कांग्रेस को ज्यादा नुकसान की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस का अपना वोट बैंक
कांग्रेस नेता इस अंचल में यह मान रहे हैं कि कांग्रेस का अपना वोट बैंक हैं, जिसके कारण बसपा उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से कोई नुकसान नहीं होगा। कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया का कहना है कि उन्होंने इतने सालों तक जो इस अंचल में संघर्श किया है, उसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। बसपा केवल भाजपा फायदा पहुंचाने के इरादे से प्रत्याषी मैदान में उतार रही है। इसके पीछे मायावती की अपनी रणनीति है। वे खुद उलझी हुई है, इस वजह से वह भाजपा के पक्ष में ही काम करेंगी।

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