बुधवार, 12 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र दो दिन में ही खत्म

आदिवासियों पर अत्याचार को लेकर कांग्रेस ने किया हंगामा


भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का पांच दिन का मानसून सत्र आज एक बार फिर हंगामें की भेंट चढ़ गया। मुख्यमंत्री विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यां के हंगामें के चलते सत्र दो दिन में ही समाप्त हो गया। बढ़ते हंगामें को देख पहले विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्यवाही स्थगित की। बाद में जब दोबारा सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस सदस्य फिर हंगामा करने लगे। इसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामें की बीच अनुपूरक बजट पारित करा लिया और सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। 

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज बुधवार को समय से पहले ही समाप्त हो गया। पांच दिवसीय इस सत्र में आज दूसरी बैठक थी, जिसमें कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार आदिवासी अत्याचार को लेकर हंगामा किया जा रहा था। पहले दिन भी कांग्रेस के हंगामें के चलते कार्रवाई स्थगित कर दी थी। इसके बाद आज फिर हंगामें के चलते कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन की आज की कार्यवाही ष्शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने फिर से आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया और चर्चा कराने की मांग दोहराई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह सहित अन्य विधायक चर्चा की मांग करते रहे। इसी दौरान हंगामा तेज हो गया। हंगामे को देख विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम में कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब दोबारा सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस सदस्यों का हंगामा फिर जारी रहा। कांग्रेस सदस्य महाकाल लोक भ्रष्टाचार, आदिवासी अत्याचार, सतपुड़ा भावन की आग के मामले में जांच की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के हंगामें के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने आज की कार्यसूची में शामिल सभी शासकीय कार्य निपटाना शुरू कर दिया। इस दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अनुपूरक बजट पेश किया। हंगामें के बीच अध्यक्ष ने 26 हजार 816 करोड़ 63 लाख 87 हजार रुपए का अनुपूरक बजट पारित करा लिया। कांग्रेस विधायकों गर्भ गृह में नारेबाजी जारी है। वहीं सदन की नारेबाजी के बीच कार्यवाही जारी है। हंगामे के बीच ही सरकार ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन संशोधन विधेयक सदन में पास कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। 

एफआईआर दर्ज कराने का दिया आश्वासन

सदन में आज प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक संजीव सिंह ने भिंड में रेत भंडारण में अनिमियता का मुद्दा उठाया।  उन्होंने अवैध रेत उत्खनन और अवैध भंडारण पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। जिस पर खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने विधायक संजीव सिंह के सवाल का जबाब देते हुए कहा कि अवैध भंडारण और अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई की गई है। मंत्री ने मामलों में एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही है। 

निरस्त किए गए पट्टों की कराएंगे जांच

कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी ने वन भूमि और राजस्व भूमि के टकराव में प्रभावित किसानों का मुद्दा उठाया. इस प्रश्न पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मुद्दे को किसानों से जुड़ा बताते हुए कहा कि इसमें किसानों का नुकसान होता है। इसमें यह पता लगाना चाहिए कि पट्टे की जमीन को लेकर कितने किसानों के आवेदन स्वीकार किए गए और कितने निरस्त किए गए। वन मंत्री विजय ष्शाह ने जवाब देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री  ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार छोटे छोटे कारण बताकर 70 से 80 फीसदी आवेदन निरस्त कर दिए जाते है। उन्होंने कहा कि जो पट्टे निरस्त हुए है, उन्हें जांच में लिया गया है। कोई भी नहीं छोड़ा गया है। इस तरह कई मुद्दे प्रश्नकाल की कार्यवाही के उठे, जिनका सरकार के मंत्रियों ने जबाव दिया। 

भाजपा नेताओं से लगता है डर

कांग्रेस विधायक फुन्देलाल मार्को विधानसभा में आदिवासी गेटअप में पहुंचे। फुन्देलाल ने कहा कि हम सर पर टोपी रूपी कोमब्री और जूट का कपड़ा पहन कर आए है। हम आदिवासी है डर है कि कोई भाजपा का कार्यकर्ता या नेता सीधी जैसी घटना हमारे साथ न कर दें। सीधी में आदिवासी युवक के साथ भाजपा कार्यकर्ता द्वारा जो किया गया उस घटना के बाद से भाजपा के नेताओं से मुझे डर लगने लगा है।


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