गुरुवार, 20 जुलाई 2023

भाजपा में फिर परिजनों को टिकट दिलाने सक्रिय हुए नेता

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर अब भाजपा में एक बार फिर परिवारवाद के मुद्दे पर नेता मुखर होने लगे हैं। नेताओं ने परिजनों को टिकट दिए जाने की वकालत करना शुरू कर दिया है। हाल ही में लोकसभा की अध्यक्ष रही सुमित्रा महाजन ताई के बयान ने इस बहस को फिर से छेड़ दिया है। हालांकि परिवारवाद को लेकर भाजपा कांग्रेस पर हमले करती रही हैं, मगर संभावना यह जताई जा रही है कि इस बार भाजपा नेता पुत्रों या परिजनों से टिकट वितरण में दूरी बना सकती है। 

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले एक बार फिर से परिजनों को टिकट के लिए भाजपा नेताओं ने मुखरता दिखाई है। पहले भी नेता अपने परिजनों और पुत्रों को टिकट दिए जाने के लिए संगठन पर दबाव बनाते रहे हैं। मगर इस बार चुनाव के कुछ माह पहले से भाजपा में यह माना जा रहा था कि संगठन परिवारवाद से दूरी बनाएगा। याने नेता पुत्रों और परिजनों को टिकट नहीं दिए जाएंगे। इसे लेकर भाजपा के वरिश्ठ नेताओं ने पहले भी आपत्ति जताई थी। अब हाल ही में लोकसभा में अध्यक्ष रही इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा ताई महाजन ने इसकी पैरवी की है। उन्होंने कहा कि जो  काबिल है उसे टिकट जरूर मिलना चाहिए। चाहे वह नेता पुत्र ही क्यों ना हो। काबलियत रखने ओर सीट जीतने वाले को टिकट मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि  संगठन टिकट सिर्फ काबिल लोगों को ही देता है. रही बात नेता पुत्र की तो यदि वो काबिल है और सीट जीत सकता है तो टिकट जरूर मिलना चाहिए। ताई ही नहीं उनके पहले भी कई नेता अपने पुत्रों और परिजनों को टिकट दिलाने के लिए बयानबाजी कर चुके हैं। सभी नेताओं को कहना है कि अगर उनके परिजन क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिताउ उम्मीदवार है, तो उन्हें टिकट मिलना चाहिए। 

नेता पुत्र होने से नहीं काटना चाहिए टिकट 

सुमित्रा महाजन ने पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर तंज कसते हुए कहा कि  मैं पार्टी महासचिव भी रही हूं। चाहती तो बेटे को उस समय टिकट दिला देती, लेकिन मैं शुरू से एक ही बात कहती हूं कि जो काबिल है, जो जीत सकता है, उसे टिकट देना चाहिए। उसे नकारना नहीं चाहिए। महाजन ने कहा, नेता पुत्र होने की वजह से टिकट नहीं कटना चाहिए। यदि कोई जीतने लायक नहीं है, फिर भी नेता पुत्र होने के कारण उसे टिकट दे दिया जाए, ये भी ठीक नहीं।

इसलिए दुखी है ताई

ताई याने सुमित्रा महाजन का दर्द इसलिए भी झलका है कि वे अपने पुत्र मिलिंद महाजन को चुनाव मैदान में उतारना चाहती है। वे राउ विधानसभा सीट से सक्रियता भी दिखा रहे हैं। वैसे इस सीट पर भाजपा से कौन उम्मीदवार होगा इसे लेकर स्पश्टता नजर नहीं आ रही है। इस सीट पर दो चुनाव से कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी जीतते आ रहे है। यह सीट भाजपा की आकांक्षी सीटों में से एक है। भाजपा इस सीट पर जीत का परचम फहराना चाह रही है। वहीं जीतू पटवारी इस बार अपना विधानसभा क्षेत्र बदलकर इंदौर क्रमांक पांच से चुनाव मैदान में उतरना चाह रहे हैं। इस क्षेत्र में वे निवास भी करते हैं। इस स्थिति को देखते हुए ताई यहां पर अपने पुत्र को टिकट दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। वैसे मिलिंद महाजन इंदौर क्रमांक पांच से भी दावेदारी कर सकते हैं। यहां से महेन्द्र हार्डिया का टिकट भाजपा काट सकती है। 


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