सीधी से होगी शुरू, झाबुआ में होगा समापन
भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता में वापसी के लिए झटपटा रही कांग्रेस अब आदिवासी वर्ग को साधने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लोगों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर अब आदिवासी स्वाभिमान यात्रा निकालने की तैयारी की है। यात्रा की शु
रूआत सीधी जिले से होगी, जबकि समापन झाबुआ जिले में होगा।
मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्ग के बीच पैठ जमाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल सक्रियता दिखा रहे हैं। दोनों ही दलों ने अपने-अपने तरीके से आदिवासी अंचलों में सक्रियता बढ़ाई है। भाजपा जहां सरकारी योजनाओं को लेकर आदिवासियों के बीच पहुंचकर यह बताने का प्रयास कर रही है कि उसने आदिवासी वर्ग के हित में कितने और कौन-कौन सी योजनाएं चलाई है। इसका फायदा कितने आदिवासी वर्ग के लोगां ने उठाया है, वहीं कांग्रेस ने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को मुद्दा बनाया है। कांग्रेस अब प्रदेश में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर आदिवासी स्वाभिमान यात्रा निकालने की तैयारी कर चुकी है। कांग्रेस ने इस यात्रा का पूरा रूट तैयार कर लिया है। कांग्रेस के आदिवासी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने आज इसकी जानकारी दी है।
टेकाम ने बताया कि कांग्रेस का आदिवासी विभाग 19 जुलाई से प्रदेश के सीधी से आदिवासी स्वाभिमान यात्रा की ष्शुरूआत करेगा। यह यात्रा विभिन्न आदिवासी अंचलों से होते हुए 7 अगस्त को झाबुआ पहुंचेगी। यहां पर यात्रा का समापन किया जाएगा। यात्रा में कांग्रेस के वरिश्ठ नेता भी ष्शामिल होंगे। यात्रा का नेतृत्व आदिवासी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया करेंगे।
18 जिलों में होगी आदिवासी स्वाभिमान यात्रा
कंग्रेस द्वारा निकाली जाने वाली आदिवासी स्वाभिमान यात्रा प्रदेश के 17 जिलों से होकर निकलेगी। यात्रा सीधी, ष्शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाधाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ जिलों से निकलेगी।
इन विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी यात्रा
प्रदेश के सीधी, धौहनी, ब्यौहारी, मानपुर, जयसिंहनगर, जैतपुर, अनूपपुर, पुष्पराजगंज, डिंडोरी, शाहपुर, निवास, मंडला, बिछिया, बैहारी, परसवाड़ा, बरघाट, लखनादौन, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, घोड़ाडोंगरी, टिमरनी, हरसूद, पंधाना, नेपानगर, भिकनगांव, भगवानपुर, सेंधवा, पानसेमल, बड़वानी, कुक्षी, मनावर, धरमपुरी, गंधवानी, जोबट, झाबुआ विधानसभा में पहुंचेगी। ये सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी वर्ग के मतदाताओं का खासा प्रभाव है। साथ ही ये आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित भी हैं।
विकास यात्रा के जवाब में स्वाभिमान यात्रा
प्रदेश सरकार द्वारा आज से प्रदेश में विकास यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा भी आदिवासी अंचल से ष्शुरू हुई है। यह यात्रा पूरे प्रदेश में निकलेगी। सरकार और भाजपा की इस यात्रा के जवाब में कांग्रेस की आदिवासी स्वाभिमान यात्रा को माना जा रहा है। कांग्रेस इस बात का इंतजार पहले से कर रही थी कि मुख्यमंत्री जनआशीर्वाद यात्रा कब से शुरू करेंगे, मगर संगठन के अडंगे के चलते यह यात्रा तो शुरू नहीं हुई, मगर मुख्यमंत्री ने इसे विकास यात्रा का नाम देकर यात्रा शुरू कर दी। सरकार की इस यात्रा में विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास होंगे और लोगों तक यह जानकारी पहुंचाई जाएगी कि भाजपा ने प्रदेश में कितने विकास कार्य किए। वहीं कांग्रेस ने विकास यात्रा के जवाब में आदिवासी वर्ग पर हुए अत्याचारां को लेकर आदिवासी स्वाभिमान यात्रा निकालने की तैयारी कर ली है। इस यात्रा के दौरान प्रदेश में आदिवासियों हुए अत्याचार के बारे में समाज को बताया जाएगा।
घटनाओं के पीड़ितों से करेंगे मुलाकात
युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया ने बताया कि सीधी में आदिवासी समाज के सीधे-साधे व्यक्ति के साथ जिस तरीके की घटना भाजपा के विधायक प्रतिनिधि के द्वारा की गई उसको लेकर पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि सीधी ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज के साथ उत्पीड़न की घटनाएं सत्ता पक्ष के व्यक्तियों द्वारा की जा रही हैं इन घटनाओं के जो पीड़ित हैं उनसे मिलने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है इसके साथ ही इस यात्रा में आदिवासियों के हित के जुड़े मुद्दों को भी संकलित किया जाएगा, जिन्हें वचन पत्र में ष्शामिल किया जाएगा।

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