शनिवार, 15 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश में तोमर पर जताया भरोसा भाजपा ने

चुनाव प्रबंध समिति का बनाया संयोजक

मध्यप्रदेश में भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। प्रदेश में चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति के बाद अब चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक पद पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की नियुक्ति की है। तोमर की इस नियुक्ति से साफ है कि भाजपा का राश्टीय संगठन  चुनावी जमावट में उन नेताओं को सक्रिय करने जा रहा है, जिन्हें अनुभव है, साथ ही उनका प्रदेश संगठन में खासा प्रभाव रहा है। तोमर के अध्यक्ष रहते हुए भाजपा ने 2008 में सरकार बनाई थी। इस दौरान उन्होंने यह साबित किया था कि उनकी संगठन में मजबूत पकड़ है। यही वजह है कि तोमर पर फिर से एक बार पार्टी ने भरोसा जताया है। 

मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। कर्नाटक में मिली हार के बाद भाजपा का राश्टीय नेतृत्व प्रदेश में फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। संगठन में कसावट के अलावा किन नेताओं को किस तरह की जिम्मेदारी दी जाए, इसे लेकर भी गहन मंथन के बाद जिम्मेदारी दी जा रही है। हाल ही में चुनाव प्रभारी के तौर पर भूपेन्द्र यादव और सह प्रभारी के तौर पर केन्द्रीय नेतृत्व में अश्विनी वैश्णव की नियुक्ति की है। दोनों ही नेताओं ने प्रदेश में सक्रियता भी बढ़ा दी है। इन नियुक्तियों के बाद अब प्रदेश में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की बागड़ौर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंपी गई है। तोमर प्रदेश में भाजपा का वे चेहरा हैं, जिनकी पकड़ हर बूथ पर है। तोमर और प्रभात झा ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए प्रदेश के हर बूथ पर कार्यकर्ता से संपर्क बनाया और अपनी पकड़ को मजबूत की थी। तोमर के अध्यक्ष रहते हुए भाजपा ने 2008 और 2013 का विधानसभा चुनाव जीता था। उस वक्त शिव और तोमर की जोड़ी काफी चर्चा में रही थी। चुनाव की जीत को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के रूप में देखा गया था।  तोमर को न केवल संगठन बल्कि सत्ता में रहने का भी लंबा अनुभव है, जबकि वह सबको साथ लेकर चलने वाले नेता माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें चुनाव प्रबंधन समिति का  संयोजक बनाया गया है। नरेंद्र सिंह तोमर भी चुनाव के लिए एक्टिव हो गए हैं। 

प्रदेश की राजनीति का है खासा अनुभव

नरेंद्र सिंह तोमर की खास बात यह है कि उन्हें मध्य प्रदेश की सियासत का अच्छा अनुभव है। देशभर में भाजपा का संगठन मध्य प्रदेश में सबसे मजबूत माना जाता है, जिसमें नरेंद्र सिंह तोमर का सबसे बड़ा रोल रहा है। 2008 और 2013 में प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत दिलवाई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज और उनकी जोड़ी पर फिर से मध्य प्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने की जिम्मेदारी है। तोमर 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में जब सरकार बनी थी तब से सक्रिय नजर आ रहे हैं। उस वक्त उमा भारती ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में रखा था। संगठन में सक्रिय रहने वाले तोमर को उमा ने अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया था। 

संगठन में कई पदों पर रहे हैं तोमर

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कई राज्यों के चुनाव प्रभारी रह चुके हैं। शांत स्वभाव के साथ राजनीतिक बयानबाजी से उन्होंने सदैव दूरी बनाए रखी है। तोमर कभी भी  विवादित बयानों को लेकर चर्चा में नहीं रहे है, बल्कि वे संगठन को महत्व देते हुए कार्यकर्ता के बीच काम करने वाले नेता के रूप में उभरे हैं।  तोमर मध्यप्रदेश में पार्टी अध्यक्ष से लेकर महासचिव पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। तोमर छात्र संघ अध्यक्ष बनने के बाद ग्वालियर नगर निगम में पार्षद का चुनाव जीते। 1998 में पहली बार विधानसभा पहुंचे. 2003 में दोबारा विधायक बने और तब उमा भारती की कैबिनेट में मंत्री बने। आगे 2009 में पहली बार मुरैना से सांसद चुने गए। उन्होंने 2014 और 2019 का आम चुनाव भी जीता था।  फिलहाल वो कृषि मंत्री हैं। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें