मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के डिप्टी कलेक्टर सुनिल कुमार झा को स्कूली छात्राओं के साथ अश्लीलता करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झा पर एट्रोसिटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और 354 की आईपीसी धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मध्यप्रदेश में आदिवासी अत्याचार के मामलों को लेकर सरकार और भाजपा की चिंता कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। सीधी में हुई घटना के बाद अब आदिवासी जिले झाबुआ में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। झाबुआ के डिप्टी कलेक्टर संजय झा पर स्कूली छा़त्राओं से अश्लीलता करने का आरोप लगा था। डिप्टी कलेक्टर रविवार को झाबुआ के नवीन अनिसूचति जनजाति कन्या छात्रावास का निरीक्षण करने गए थे। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर सुनील कुमार झा ने छात्राओं से बातचीत की, जिसमें कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि डिप्टी कलेक्टर द्वारा उनके साथ बातचीत में उनके साथ अश्लीलता की। गलत तरीके से छूने के आरोप भी छात्राओं ने लगाए। डिप्टी कलेक्टर पर एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद आज उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
रात को ही कर दिया था निलंबित
घटना को लेकर छात्राओं ने पुलिस थाने में एफआईआर कराई। इसमें छेड़छाड़ की धाराओं के साथ एससीएसटी एक्ट व पाक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई गईं। वहीं, जिला प्रशासन ने भी मामले की जांच कराई और प्रतिवेदन संभागायुक्त पवन शर्मा को भेजा गया। संभागायुक्त ने रात को ही डिप्टी कलेक्टर सुनील कुमार झा को निलंबित कर दिया। घटना के बाद डिप्टी कलेक्टर के प्रति जिले में आक्रोश व्याप्त होने से पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पहले भी हो चुकी है, ऐसी घटना
यहां उल्लेखनीय है कि छात्र-छात्राओं की वजह से झाबुआ जिले में प्रशासन पर गाज करने का यह दूसरा मामला है। सितंबर 2022 में भी पॉलिटेक्निक के छात्रों के साथ तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अरविंद तिवारी के पुलिसिया अंदाज के वार्तालाप का ऑडियो वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर को तत्काल हटा दिया गया था। तभी सुनील कुमार झा को भी डिप्टी कलेक्टर गर्ग को हटाकर जिम्मेदारी दी गई थी। अब झा खुद आरोपों के घेरे में फंस गए हैं।
बालों में कौन साल तेल लगाती हो
पुलिस के अनुसार एसडीएम सुनील कुमार झा क्षेत्र के जनजाति होस्टल में गए थे। उन्होंने छात्रावास अधीक्षका को कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने एक नाबालिग छात्रा के कंधे पर हाथ रखकर पूछा कि नाश्ता दोनों समय मिलता है। छात्रा ने हां में जवाब दिया। इसके बाद एक अन्य छात्रा बाथरुम से नहाकर कक्ष में आई तो एसडीएम उसके पास चले गए और उसे पलंग पर बैठने को कहा। फिर खुद भी पलंग पर उसके पास बैठ गए। उसके बालों को सूंघ कर पूछा कि कौन सा तेल लगाती हो। छात्रा ने जवाब दिया कि आंवले का तेल लगाती हूं। एसडीएम ने छात्रा का माथा चूम लिया और पूछा कि तुम्हे पीरियड कौन सी डेट को आते हैं। इसके बाद वे रुम से जाने लगे और पलट कर पूछा कि मैं जाता हूं को संस्कृत में कैसे कहा जाता है। छात्राओं ने जबाव नहीं दिया तो एक छात्रा के पास आकर उसका गाल जोर से खींचा।

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