शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश में लोन एप को बैन करने की तैयारी

परिवार द्वारा खुदकुशी किए जाने के बाद सरकार उठा सकती है यह कदम


भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोन एप से लोन लेने के बाद परेशान परिवार द्वारा खुदकुशी किए जाने के बाद अब प्रदेश की सरकार मध्यप्रदेश में लोन एप पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस घटना के बाद कहा ि कवे केन्द्र सरकार लोन एप पर बैन लगाने का आग्रह करेंगे। 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को एक परिवार ने खुदकुशी कर ली थी। खुदकुशी करने का कारण लोन एप द्वारा लोन लेने के बाद युवक को परेशान किया जा रहा था। इसके चलते यह घटना घटित हुई थी। परिवार द्वारा सामूहिक सुसाइड करने की इस घटना के बाद अब सरकार मामले की जांच कराएगी। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया जा रहा है। इसी के साथ ऐसे एप्लीकेशन चिन्हित करेंगे जिनके नंबरों से उसे धमकी मिली और दबाव डाला गया। इसी के साथ लोन एप्लीकेशन भी चिन्हित किए जाएंगे और केंद्र सरकार से उन्हें बैन करने का आग्रह करेंगे। इसी के साथ सर्वर और टेलीग्राम की जानकारी भी इकट्ठी की जा रही है जिससे उन्हें बैन किया जा सके। वहीं गृह मंत्री ने मृतक के साइबर पुलिस को शिकायत करने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि थाने में शिकायत नहीं की थी। वकील से बात कर लौटने की जानकारी सामने आई है।

यह थी घटना 

राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के नीलबड़ इलाके में एक परिवार लोन और ब्लैकमेलिंक की बलि चढ़ गया। पति पत्नी ने अपनो दो मासूम बच्चों को जहर दे दिया और उसके बाद दोनों ने फांसी लगा ली। 38 साल के भूपेन्द्र विश्वकर्मा, उनकी पत्नी रितु, बेटे ऋतुराज (3) और ऋषिराज (9) के शव घर से बरामद किए गए। इस मामले में मृतक का सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिसमें उसने लिखा था कि ऑनलाइन लोन कंपनियों के परेशान होकर उन्होंने ये कदम उठाया है। चार पेज को सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वो ऑनलाइन जॉब का शिकार हो गया और कर्ज में डूब गया। इसके बाद उस कंपनी वालों ने बात-बात पर पैसे का दबाव बनाना शुरू दिया और जून में लोन का कर्जा इतना ज्यादा हो गया कि लोन रिकवर करने वालों ने धमकाना शुरू कर दिया। वहीं, जुलाई में लोन वालों ने फोन हैक करके उसकी डिटेल्स निकाल कर उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को ब्लैकमेल करने लगे। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद अब सरकार ऐसे लोन ऐप्स पर शिकंजा कसने की तैयारी में है और मामले की जांच भी कराई जाएगी।

पहले भी होती रही है इस तरह की घटनाएं

राजधानी में साइबर फ्राड और लोन एप के जरिए लोगों को फंसा कर परेशान करने का कोई यह पहला मामला नहीं है। बल्कि पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी कई ऐसे केस आए हैं। जिसके कारण कई परिवार बिखर गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी कर्ज और लोन की जाल में काफी लोग फंसे हैं और आखिर में हार कर उन लोगों ने आत्महत्या के रास्ते को चुना। बढ़ते हुए साइबर क्राइम के मामलों के कारण गूगल और एप्पल ने अपने एप स्टोर से कई एप को रिमूव कर दिया था। 

इस तरह फंस जाते हैं लोग

भूपेंद्र विश्वकर्मा ने अपने सुसाइड नोट में साफ बताया कि उनके सबसे पहले वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया था। इस मैसेज में ऑनलाइन काम करने का ऑफर दिया था। इस तरह के काम में अक्सर लोगों को मनी फॉर लाइक जैसी जॉब का ऑफर दिया जाता हैं। जैसे आपको यू ट्यूब वीडियो को लाइक करने के लिए पैसे मिलेंगे, या फिर आपको इंस्टाग्राम पर रील्स शेयर करने पर इतने रुपए दिए जाएंगे। जब कोई यूजर इस तरह का ऑफर स्वीकार करता है तो उसे शुरुआत में कुछ पैसे भी दिए जाते हैं। वही जब आप इस तरफ में फ्रॉड में फंस जाते है। तब स्कैमर्स लोगों को एक बड़े ग्रुप में ऐड कर देते हैं। ग्रुप में ऐड करने के बाद आपको ज्यादा पैसे कमाने का लालच देते हैं। इसके साथ ही जैसे ही कोई यूजर ज्यादा पैसे के कमाने के लालच फंस जाता है तो स्कैमर उसे एक तरह के प्रोजेक्ट में ऐड कर देते है। फिर उसे पैसे इन्वेस्ट करने के लिए बोला जाता है और जब कोई शख्स अपने इन्वेस्ट किए हुए पैसे को निकालना चाहता है, तो उसे और पैसे इन्वेस्ट करने के लिए बोला जाता है। भोपाल में हुए मामले में भी कुछ इस तरह का ही फ्रॉड हुआ था।

इस तरह बरतें सावधानी

जब भी आपके पास किसी भी तरह का जॉन का मैसेज आए या फिर कोई लिंक आए तो आप लिंक पर क्लिक न करें। अगर आपको जॉब की जरूरत हो या फिर आप जॉब करना चाहते है तो आप किसी ऐसी जगह पता करे जो एथोराइज्ड हो। इसके साथ ही जॉब के लिए ऐसे एप का चुनाव करें जो सही हो। लालच के चक्कर में इस तरह के गेम में न फंसे।


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