मंगलवार, 18 जुलाई 2023

शराबबंदी के बाद उमा ने किया कूज का विरोध

कहा क्रूज चलाने की मानसिकता को उखाड़ फेंकेंगे

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी के बाद अब नर्मदा में कू्रज चलाए जाने का विरोध किया है। उमा ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम क्रूज चलाने जैसी सोच को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। 

उमा के तीखे होते तेवर चुनावी साल में फिर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। लंबे समय के बाद वे एक बार फिर सक्रिय हुई है। स्वास्थ्यगत कारणों के चलते वे राजधानी भोपाल में ही रहीं। मगर सावन के महीने में पहले वे उज्जैन पहुंची। इसके बाद अब लगातार प्रदेश में सक्रियता दिखा रही है। उज्जैन के बाद उन्होंने शिवपुरी पहुंचकर भी अपनी अपनी ही सरकार को घेरने का  प्रयास किया। उज्जैन से जब वे वापस लौटी तो एक बार फिर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तल्खी दिखाई। उमा की नाराजगी नर्मदा में क्रूज चलाए जाने को लेकर सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लेकर खुलकर नाराजगी जताई। उमा ने टवीट के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि मुझे समाचार पत्रों के जरिए जानकारी मिली कि गंगा जी की तरह ही नर्मदा जी में भी पर्यटकों के मनोरंजन के लिए क्रूज चलाने पर  विचार हो रहा है। 

आधा तो, अवैध खनन ने ही नर्मदा जी को निगल लिया अब और रही सही कसर क्या क्रूज से भी पूरी कर देंगे। नर्मदा जी में सिंचाई, गौपालन तथा परिक्रमा का सतोगुण पर्यटन संभव है। उन्होंने कहा कि गंगा जी में सनातन काल से ही यातायात होता रहा है, किंतु नर्मदा मैया एक मात्र धारा हैं जिनकी परिक्रमा होती है, क्योंकि नर्मदा जी साक्षात शिव हैं जो कि धारा के रूप में बहते हैं। क्रूज चलाने की सोच को तो जड़ से उखाड़ फेंकेंगे क्योंकि नर्मदा जी सतोगुणी तरीके से भी बहुत रोजगार देती रही हैं तथा देती रहेंगी। उन्होंने लिखा कि आपको याद होगा कि दिग्विजय सिंह जी की सरकार के समय पर खजुराहो में भी हमने कैसीनो शुरू ही नहीं होने दिए थे।

गौरतलब है कि इसके पहले उमा भारती ने प्रदेश में ष्शराबबंदी को लेकर अभियान चलाया था। जिसके बाद प्रदेश की शिवराज सरकार को ष्शराब नीति में बदलाव करना पड़ा था। वहीं वे बाद में अस्पतालों में अव्यवस्था को लेकर नाराज हुई थी तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल कलेक्टर को निर्देशित कर अस्पतालों के भ्रमण कर कसावट करने के निर्देश दिए थे। अब उमा भारती ने नर्मदा में कू्रज चलाने का विरोध किया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि उमा की नाराजगी के एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़वानी जिले में जब विकास पर्व की शुरूआत की थी तो उन्होंने यह बात कही थी कि नर्मदा में मेघनाथ घाट से कूज चलाया जाएगा, जो सरदार सरोवर तक चलेगा। इस घोशणा के बाद उमा की नाराजगी सामने आई है। 

चीता भाजपा कार्यकर्ता नहीं, जो अनुशासन में बना रहे

उमा भारती जब शिवपुरी पहुंची तो मीडिया ने उनसे कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही चीतों की मौत को लेकर सवाल किया। इस पर उमा भारती ने कहा कि चीतों को जो वनस्पतियों की गंध उन्हें अफ्रीकी जंगलों में मिलती है, वहां जो खाद मिट्टी विशेष प्रकार की होती है, जो यहां के जंगलों में नहीं है। जिस प्रकार की घास अफ्रीकी जंगलों में होती थी वह चीतों को नहीं मिल पा रही है। वहां के वनस्पति की गंध उन्हें यहां नहीं मिल पा रही है। वे अपने परिवार और परिवेश से बिछड़ गए हैं। चीता बहुत ही आंतरिक जानवर होता है। उन्होंने कहा कि चीता अपने इमोशन को दबाकर रखता है। चीता बहुत ही आसानी से डिप्रेशन में चले जाते हैं और इनका कोई इलाज भी नहीं होता है। भारत में चीतों को लाने का एक प्रयोग किया गया है, अफ्रीका के जंगलों में भी चीते मरते हैं। हम अभी भी यह सोच रहे हैं कि जितने चीते बचे हैं उन पर हमारा प्रयोग सफल रहे। उन्होंने कहा कि चीता भाजपा का कार्यकर्ता नहीं है, जो अनुशासन में बना रहेगा। उसे जंगल की गंध चाहिए, उसे अपने इमोशन की आजादी चाहिए।

सिंधिया की खुलकर की प्रशंसा

उमा भारती ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि वो हीरा है। उन्हें कांग्रेस में वैसा प्यार नहीं मिला, जैसा मिलना चाहिए था। कांग्रेस उनका दिल नहीं जीत पाई। कांग्रेस अपना हीरा गंवा चुकी है। साध्वी उमा भारती ने कहा कि अम्मा महाराज राजमाता सिंधिया अपने भाई को भाजपा में देखना चाहती थीं, उनका यह सपना ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरा कर दिया, इससे मुझे बहुत खुशी है।


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