मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा के लिए
टिकट वितरण बड़ी समस्या खड़ी करेगा। टिकट के लिए संगठन सर्वे के आधार पर प्रत्याशी चयन की बात कह रहा है, वहीं नेताओं की दावेदारी भी रूक नहीं रही है। अब प्रदेश के सत्तर साल से ज्यादा की उम्र के मंत्री गोपाल भार्गव ने संकेत दिए हैं कि उनके गुरू ने उन्हें तीन चुनाव और लड़ने का आदेश दिया है। इस लिहाज से वे चुनाव लड़ेंगे। वहीं एक पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कहा कि अगर वे सर्वे कराएंगे, इस सर्वे में अगर जनता उन्हें 51 प्रतिशत वोट देगी तो वै मैदान में उतरेंगे, नही ंतो चुनाव नहीं लड़ेंगे।
भाजपा के लिए इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर बड़ी समस्या खड़ी होती नजर आ रही है। एक तो संगठन को कांग्रेस छोडकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में आए नेताओं को टिकट दिए जाए या नहीं, इसे लेकर जुझना पड़ रहा है। इस मामले में पार्टी के ही निश्ठावान कार्यकर्ता अपनी बात बता चुके हैं कि अगर सिंधिया समर्थकों के चलते उनका टिकट कटा तो वे इसका विरोध करेंगे। वहीं नाराज कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी भाजपा के लिए संकट खड़ा कर रही है। इन सब के बीच अब राज्य के एक मंत्री और एक पूर्व मंत्री ने अपने-अपने तरीके से टिकट की दावेदारी पेश कर दी है। सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से आठ बार जीतकर विधानसभा पहुंचे मंत्री गोपाल भार्गव ने साफ कर दिया कि उन्हें उनके गुरू ने आदेश दिया है कि वे अभी तीन बार चुनाव लड़ें और जनता की सेवा करें। भार्गव ने कहा कि ऐसा करने के लिए उन्हें गुरु का आदेश मिला है। गुरु का आदेश तो केवल मृत्यु ही टाल सकती है। दरअसल, मंत्री गोपाल भार्गव रेहली विधानसभा के पाटई गांव में सड़क के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री भार्गव ने कहा कि मेरे गुरु ने कहा है कि जाति क्षेत्र संप्रदाय से ऊपर उठकर निंदा करने वालों की निंदा किए बिना आगे बढ़ो। राजनीति सर्व जाति के लिए होती है। इसलिए अपने गुरु के कहे अनुसार मैं आगे तीन चुनाव और लड़ूंगा। मैं मानता हूं कि मेरी जाति बहुत कम है। मैं जाति के दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता। मैंने अब तक सभी चुनाव सर्व जाति के समर्थन और आशीर्वाद से जीते हैं।
आठ बार चुनाव जीत चुके हैं भार्गव
गोपाल भार्गव लगातार 8वीं बार रेहली विधानसभा सीट से विधायक हैं। वो पहली बार इस विधानसभा सीट से 1985 में चुनाव जीते थे। उसके बाद से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। माना जा रहा था कि इस बार उनकी जगह पार्टी उनके बेटे अभिषेक भार्गव को टिकट दे सकती है। लेकिन गोपाल भार्गव के दावे के बाद यहां से टिकट की उम्मीद लगाकर बैठे नेताओं को झटका लग सकता है।
पूर्व मंत्री ने जनमत साथ होगा तो लड़ेंगे चुनाव
कटनी के विजयराघोगढ़ से भाजपा के विधायक और पूर्व राज्य मंत्री संजय पाठक ने कहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने से पूर्व अपने विधानसभा क्षेत्र में एक जनमत संग्रह कराएंगे। यदि जनमत संग्रह में क्षेत्रीय जनता ने 50 प्रतिशत से अधिक संख्या में समर्थन किया तो वह आगामी विधानसभा चुनाव में उतरेंगे। विधायक संजय पाठक ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के परसवाड़ा गांव में एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें 50 प्रतिशत से एक भी वोट कम मिला तो वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। मध्यप्रदेश के सबसे अमीर विधायकों में शुमार पाठक ने कहा कि वह अगले महीने यह जनमत संग्रह कराएंगे। भाजपा विधायक ने कहा कि यह गुप्त मतदान होगा और जनता के सामने पेटियां खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनमत संग्रह के बाद वह चुनाव लड़ने पर फैसला करेंगे।


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