भोपाल। सतना जिले के मैहर के निकट एक गांव में एक बच्ची गैंगरेप की शिकार हो गई। घटना के बाद बच्ची की हालत गंभीर है। घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को छोड़ना नहीं, कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि बच्ची के उपचार की व्यवस्था कराई जाए।
सतना जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना मैहर के निकट स्थित एक गांव में नाबालिग लड़की को पहाड़ी पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद दरिंदों ने नाबालिग के नाजुक अंग में लकड़ी डाल दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खून से लथपथ होकर नाबालिग आज सुबह अपने घर पहुंची। जहां पर उसके परिजन उसे लेकर सीधे थाने पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में मैहर की शारदा देवी मंदिर समिति के दो कर्मचारियों को गिरफतार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा अपराधी बचना नहीं चाहिए
घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मैहर में बेटी से दुष्कर्म की जानकारी मिली। मन पीड़ा से भरा है। व्यथित है। मैंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए। पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बच्ची के इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए।
बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही सरकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा मैहर में छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना अत्यंत निंदनीय है। बच्ची के साथ निर्भया कांड की तरह अमानवीय व्यवहार किये जाने की बात भी सामने आ रही है। प्रदेश में आए दिन बच्चियों के साथ अत्याचार की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि शिवराज सरकार बहन-बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि बेटी को अच्छे से अच्छा उपचार उपलब्ध कराया जाए और उसे तत्काल एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
गैंगरेप की घटना को राष्ट्रीय महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना से 7 दिन के अंदर घटना की पूरी जानकारी मांगी है। 7 दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और इन्वेस्टिगेशन को लेकर पुलिस महानिदेशक को राष्ट्रीय महिला आयोग को रिपोर्ट देना होगा।
आरोपी कर्मचारियों को हटाया मंदिर प्रबंध समिति ने
बच्ची से गैंगरेप की घटना के बाद मां शारदा देवी मंदिर प्रबंथ समिति प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारियों की सेवाएं प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति एवं एसडीएम मैहर सुरेश जादव ने समाप्त कर दी है। समिति से हटाए गए कर्मचारियों में प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारी रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया हैं। जिन्हें मां शारदा देवी मंदिर प्रबंथ समिति के प्रशासक एसडीएम ने आदेश जारी कर हटा दिया है और कहा कि इनके कृत्य से मंदिर समिति की छवि धूमिल हुई है।
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