सोमवार, 10 जुलाई 2023

25 जुलाई से फिर भरे जाएंगे लाड़ली बहना योजना के आवेदन


वैवाहिक महिलाओं की आयु 23 से घटाकर की 21 साल, ट्रेक्टर वाले परिवारों को भी मिलेगा योजना का लाभ

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में अब वैवाहिक पात्र महिलाओं की न्यूनतम आयु 23 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष की गई है। साथ ही ट्रेक्टर वाले परिवारों की महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। इन पात्र महिलाओं से आवेदन-पत्र जमा करने का सिलसिला 25 जुलाई से प्रारंभ किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में दस तारीख का दिन अब ऐतिहासिक हो गया है। यह दिन बहनों के सम्मान, शान, स्वाभिमान, स्वावलंबन तथा सामाजिक क्रांति का दिन बन गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में मिल रही राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रतिमाह तक किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को आजीविका मिशन में अवसर उपलब्ध करा कर उनकी आमदनी हर माह 10 हजार रूपये तक की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  ने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खाते में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की दूसरी किस्त की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने वर्चुअली प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद लाड़ली बहनों को संबोधित किया और प्रदेश में वार्ड तथा ग्राम पंचायतों में गठित लाड़ली बहना सेना की सदस्यों को शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि  आगामी 5 वर्षों में महिलाओं की मासिक आमदनी को बढ़ाकर 10 हजार रूपये तक करने का लक्ष्य है।
स्वाभिमान बढ़ाने की योजना है लाड़ली बहना योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं के मान-स्वाभिमान को बढ़ाने की योजना है। लाड़ली बहना योजना में एक हजार रूपये की राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 1250 रूपये, 1500 रूपये, 1750 रूपये, 2000 रूपये, 2250 रूपये, 2500 रूपये, 2750 रूपये और फिर 3000 रूपये प्रतिमाह तक किया जायेगा।
लाड़ली बहना सेना के सदस्यों को दिलायी शपथ
मुख्यमंत्री ने वर्चुअली पूरे प्रदेश में गठित लाड़ली बहना सेना की सदस्याओं को शपथ दिलाई कि “वे अपने क्षेत्र की बहनों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देने और जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगी। अपने क्षेत्र की बहनों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक मिले, इसके लिए हरसंभव सहयोग करेंगी, लाड़ली बहनों की अपने परिवार के सदस्य की तरह चिंता करेंगी और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में पूरी मदद करेंगी। नशामुक्ति, पेड़ लगाने, बिजली बचाने साफ-सफाई, बेटी-बचाने, बेटी-पढ़ाने और पानी बचाने जैसे सामाजिक सुधार के अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगी।

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