शनिवार, 15 जुलाई 2023

कमलनाथ के बाद दिग्विजय के गढ़ पर भाजपा की नजर

राघौगढ़ की विरासत को चाहते हैं छीनना


भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहले से ही कांग्रेस के दिग्गजों को घेरने की रणनीति तय की है। इसकी ष्शुरूआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा से हो चुकी है। इसके बाद अब भाजपा ने दिग्विजय के गढ़ राघौगढ़ को घेरने की तैयारी की है। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को सक्रिय किया गया है। सिंधिया यहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ एक बडी सभा कर चुके हैं। 

मध्यप्रदेश में इस बार होने वाला विधानसभा चुनाव के काफी रोचक रहने के आसार बन रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को उन्हें के गढ़ों में घेरने की तैयारी तेज कर दी है। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में भाजपा के बड़े नेताओं की सक्रियता पहले से ही नजर आ रही थी। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़ राघौगढ़ में उन्हें घेरने की तैयारी की जा रही है। राघौगढ़ में दिग्विजय सिंह खासा प्रभाव है। यहां पर उनके बेटे और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे जयवर्धन सिंह विधायक हैं। इस सीट पर भाजपा पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां पर एक बड़ी सभा करके इस बात के संकेत दिए हैं कि भाजपा इस सीट पर जीत चाहती है। वैसे राघौगढ़ विधानसभा सीट भी भाजपा की आकांक्षी सीटों में से एक है। भाजपा यहां पर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरकर जीत हासिल करना चाह रही है। इस रणनीति पर भाजपा संगठन और नेताओं ने काम करना भी शुरू कर दिया है। 

दिग्गज नेताओं  की बढ़ेगी सक्रियता

भाजपा ने इस सीट पर दिग्विजय सिंह को घेरने के लिए अब रणनीति के तहत दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी की है। राघौगढ़ ही नहीं बल्कि इस संसदीय क्षेत्र की सभी आठों सीटों पर भाजपा सक्रियता दिखा रही है। भाजपा इस बार दिग्विजय सिंह के गढ़ की आठों सीटों पर कब्जा करने की रणनीति बना चुकी है। दिग्विजय समर्थक नेताओं की घेराबंदी भी  शुरू हो गई है। जैसे-जैसे चुनावी गतिविधियां बढ़ेंगी दिग्विजय समर्थक नेताओं की घेराबंदी और तेज होगी। 

पहले भी कर चुकी है प्रयास

भाजपा इस बार ही नहीं, बल्कि पहले भी इस गढ़ में सेंधमारी का प्रयास कर चुकी है। मगर उसमें सफलता नहीं मिली थी। भाजपा ने यहां पर शिवराज सिंह चौहान को दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा था। सभी बड़े नेताओं ने इस गढ़ को कांग्रेस से छीनने का प्रयास किया था, मगर उस वक्त सफलता नहीं मिली थी। इस बार फिर से भाजपा यहां पर पिछली रणनीति से ज्यादा आक्रामक होकर मैदान में उतरना चाह रही है। भाजपा का लक्ष्य विधानसभा चुनाव में जीत का तो है ही, साथ ही इस संसदीय क्षेत्र में पकड़ बनाकर वह 2024 के लोकसभा सीट के लिए इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाह रही है। 

सिंधिया को किया आगे

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद से दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच दूरियां भी ज्यादा बढ़ी है। इसे देखते हुए भाजपा ने इस क्षेत्र में सिंधिया को मैदान में उतारा है। वे लगातार सक्रियता भी दिखा रहे हैं। सिंधिया समर्थक मंत्री और कार्यकर्ता भी खुलकर दिग्वियसिंह को लेकर मतदाता के बीच पहुंच रहे हैं और यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि यहां जो विकास हुआ है, वह भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुआ है। 


दिग्विजय की भी नजरें हैं ग्वालियर पर 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी भाजपा की रणनीति को भांपते हुए ग्वालियर संसदीय सीट के अलावा पूरे ग्वालियर-चंबल में सक्रियता बढ़ा दी है। वे भी सिंधिया को इस खेल में मात देना चाह रहे हैं। दिग्विजय सिह ही नहीं, बल्कि उनके समर्थकों की सक्रियता भी इस अंचल में खासा दिख रही है और सभी के निशाने पर सिंधिया और उनके समर्थक मंत्री हैं। 


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