कांग्रेस से भाजपा में गए सिंधिया ने एक बार फिर संघ पदाधिकारियों से मेल मुलाकात को बढ़ाया है। हाल ही में भोपाल यात्रा के दौरान उन्होंने संघ कार्यालय पहुंचकर दीपक बिस्पुते से मुलाकात की, इसके बाद अब ग्वालियर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराड़कर से मुलाकात की। सिंधिया चुनावी साल में संघ पदाधिकारियों से बढ़ते मेल-मुलाकात के राजनीति मायने भी निकाले जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों भाजपा और संघ पूरी तरह से मैदानी जमावट में जुटे हैं। इस बीच केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भोपाल और ग्वालियर यात्राएं भी बढ़ी है। भोपाल में लगातार हो रही भाजपा की बैठकों में वे ष्शामिल हो रहे हैं, तो ग्वालियर में अपने गढ़ में वे अपना वजूद पहले ही भांति बरकरार रखना चाहता है। सिंधिया को अपने अंचल ग्वालियर-चंबल में इस बार कांग्रेस से करारी टक्कर मिलने की उम्मीद भी है। इसे लेकर वे हर कदम सोच-समझकर उठा रहे हैं। सिंधिया इस बार चुनाव में अपने समर्थकों को अधिक से अधिक टिकट दिलाना चाहते हैं, मगर उनका विरोध भी भाजपा के ही नेता कर रहे हैं। इस वजह से वे शांत रहकर इसका रास्ता निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए भाजपा संगठन और संघ का सहारा लेने से भी वे हिचक नहीं रहे। सिंधिया को यह मालूम है कि भाजपा में अगर कोई फैसला कराना है तो उसके पहले संघ को विश्वास में लेना होगा। भाजपा नेताओं द्वारा लगातार सिंधिया समर्थकों के होते विरोध को दबाने के लिए अब ष्शायद सिंधिया ने संघ से मेल-जोल बढ़ाकर समर्थकों के विरोध को रोकने का प्रयास भी ष्शुरू किया है। इसके चलते अभी हाल ही में जब केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह भोपाल आए थे, तब सिंधिया भी इस बैठक में ष्शामिल होने भोपाल पहुंचे थे। इस दौरान सिंधिया ने संघ कार्यालय पहुंचकर संघ के मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर उन्होंने मीडिया में कुछ नहीं कहा। बल्कि सामान्य मुलाकात बताते रहे। इसके बाद अब हाल ही में जब वे ग्वालियर पहुंचे तो फिर संघ के श्रीधर पराड़कर से मुलाकात की और करीब 15 मिनट बंद कमरे में बातचीत की। यह मुलाकात काफी चर्चा का विशय बन रही है। माना जा रहा है कि सिंधिया संघ का साथ लेकर अपने गढ़ ग्वालियर-चंबल में एक बार फिर वहीं मजबूती दिखाना चाह रहे हैं, जो कभी कांग्रेस में रहकर वे दिखाते रहे हैं। पहले भी मिलते रहे हैं संघ पदाधिकारियों से
ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह मालूम है कि भाजपा में आने के बाद इतनी आसानी से उनके समर्थकों को वह स्थान नहीं मिलेगा, जो वे चाहते हैं। इसके लिए संघ से उनकी निकटता भाजपा में आने के बाद से ही बनी रही है। जब सिंधिया भाजपा में शामिल हुए थे तो उसके बाद वह नागपुर स्थित संघ के मुख्यालय पहुंचे थे। जबकि वह संघ प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में संघ से करीबी उन्हें भाजपा में अपनी जड़े और मजबूत करने में आसानी देगी। इसके बाद से वे जब भी मौका मिलता है, संघ पदाधिकारियों से मुलाकात करते रहते हैं और यह संदेश भी देते रहे हैं कि संघ से उनकी निकटता बढ़ती जा रही है।
34 सीटों का देख रहे फायदा
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा में उनके प्रतिद्वंदियों को भी यह दिखाने की मंशा रखते हैं कि उनका अब भी इस अंचल में उतना ही प्रभाव है, जितना की कांग्रेस में रहते हुए हुआ करता था। सिंधिया की संघ नेताओं से मुलाकात को लेकर यह भी माना जा रहा है कि मालवा के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में संघ का खासा प्रभाव रहा है। हर सीट पर संघ की सक्रियता नजर आती है। िंसधिया इसी का फायदा उठाते हुए इस अंचल की 34 सीटों पर अपना प्रभाव और बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा सिंधिया चुनाव में ज्यादा से ज्यादा अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते हैं। ऐसे में अगर संघ का फीडबेक उनके लिए पक्ष में रहा तो यह उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि संघ के कार्यकर्ता हर विधानसभा सीट पर हैं।
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