मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की हंगामें के साथ हुई शुरूआत
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की आज हंगामेदार तरीके से शुरूआत हुई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आदिवासियों पर अत्याचार के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा और हंगामा किया। कांग्रेस ने स्थगन पर चर्चा कराने की मांग भी की। विपक्षी दल के सदस्यों के हंगामों को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की आज की कार्रवाई बुधवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हुआ। सत्र की शुरूआत ही हंगामेंदार तरीके से हुई है। कांग्रेस ने हंगामें की रणनीति पहले से ही बना रखी थी। उस रणनीति के तहत कांग्रेस ने सदन में सरकार को आदिवासियों पर अत्याचार के मामले को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस सदस्य सीधी में आदिवासी युवक के साथ घटित घटना को लेकर हंगामा करते रहे। नेताप्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि यह शर्मनाक घटना है, जिसने मध्यप्रदेश की पूरे देश में बदनामी की। शून्य काल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि इस घटना से सभी आहत हैं। इस पर कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐसे 90 फीसदी मामले सामने नहीं आ पाते। यह केंद्र के आंकड़े कह रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री आप बड़े विद्वान हैं, मैं आपसे असत्य बोलने की उम्मीद नहीं कर सकता। सदन में हंगामा होने पर कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद जब सदन दोबारा समवेत हुआ तो कांग्रेस सदस्य फिर हंगामा करते रहे। कांग्रेस सदस्यों के द्वारा की जा रही नारेबाजी और हंगामें को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की आज की कार्रवाई को बुधवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की मर्यादा तोड़ती है कांग्रेस
संसदीय मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के हंगामें को लेकर कहा कि कांग्रेस सदन की मर्यादा को तोड़ती है। वंदे मातरम् गीत के दौरान विषय उठाया, जबकि उस समय नहीं उठाना चाहिए। ये राष्ट्रीय गीत और अन्य चीज़ों का अपमान का बीड़ा उठाया है। कौन सी बात कब कहां कैसे कही जाती है, ये बात का पालन नहीं की, न कभी निधन के उल्लेख का पालन किया। ये स्थिति कांग्रेस के स्वभाव में है। बिना वजह हंगामा करते हैं। पुराने मामले जिन पर कार्रवाई हो गई, उन पर हंगामा कर रहे हैं। आज का विषय होना चाहिए। प्रदेश में अतिवृष्टि की बात हो, लेकिन नहीं कांग्रेस जनहित के मुद्दे नहीं उठाती है, इनको जनता से कोई मतलब नहीं है।
मिर्च, टमाटर की माला पहन सदन पहुंची विधायक
रैगांव की कांग्रेस विधायक कल्पना वर्मा टमाटर और मिर्च से बनी माला पहनकर सदन पहुंचीं। उन्होंने कहा कि हर तरफ बहनें परेशान हो रही हैं। मैं सरकार की योजना का विरोध करती हूं। टमाटर और सब्ज़ियों के बढ़ते दामों से जनता परेशान है। ऐसी योजनाओं का कोई फायदा नहीं है। इस पर नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि “सिर्फ मध्य प्रदेश में ये थोड़ी ना महंगा है। राजस्थान में आपकी सरकार है। राजस्थान में क्या कुछ महंगा नहीं है? वहां क्या फ्री में मिल रहा है? ये सब मौसमी सब्जियां हैं। टमाटर का उत्पादन बारिश से प्रभावित होता है। यह मौसमी महंगाई है। वहीं कांग्रेस विधायक महेश परमार विधानसभा में महाकाल भगवान की फोटो लेकर पहुंचे, इस तरह वे महाकाल लोक निर्माण में घोटाले के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।


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