चुनाव को लेकर सक्रिय हुई भाजपा
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अब हर कमजोरी को दूर करने में जुट गई है। संगठन जहां रूठों को मनाने की कवायद कर रहा है, वहीं हाल ही में प्रदेश के चुनाव प्रभारी बनाए गए भूपेन्द्र यादव और सहप्रभारी अश्विनी वैश्णव जल्द ही विधायकों से सीधा संपर्क करने की तैयारी कर रहे हैं। ये नेता विधायकों को उनकी उनकी कमजोरी गिनाएंगे और दूर करने की बात कहेंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अब टिकट वितरण के पहले विधायकों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उन पर कसावट करने की तैयारी की है। इस तैयारी के तहत दिल्ली हाईकमान द्वारा मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी बनाए गए भूपेन्द्र यादव और सहप्रभारी अश्विनी वैश्णव जल्द ही सक्रियता दिखाएंगे। हाल ही में गृह मंत्री अमित ष्शाह के हुए दौरे के बाद इन नेताओं को संगठन की ओर से फ्री हैंड मिल चुका है। बताया जा रहा है कि ये नेता जल्द ही विधायकों के रिपोर्ट कार्ड का अध्ययन करके उनसे सीधी चर्चा करेंगे। प्रदेश के विधायकों का रिपोर्ट कार्ड प्रदेश संगठन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद तैयार किया था। इसके अलावा केन्द्रीय नेतृत्व ने भी प्रदेश भाजपा के सभी वर्तमान विधायकों के कामकाज की जानकारी एकत्रित कराई थी। इस जानकारी के बाद किस विधायक की उनके विधानसभा क्षेत्र में क्या कमजोरी है, उससे उन्हें अवगत कराया जाएगा। दोनों नेता विधायकों से सीधा संपर्क करने की तैयारी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक-एक विधायक से ये संपर्क करेंगे।
संसदीय सीट के अनुसार बुला सकते है बैठक
विधायकों को एक संसदीय सीट में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार बैठक के लिए ये नेता बुला सकते हैं। इसकी तैयारी की जा रही है। इसके पीछे मूल कारण विधानसभा की तैयारी ही नहीं ,बल्कि 2024 का लोकसभा चुनाव भी है। दोनों नेता संसदीय सीटवार विधायकों को बुलाकर विधानसभा के अलावा लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की स्थिति का भी आकलन करेंगे। साथ ही विधायकों को साफ संदेश भी देंगे कि उन्हें क्या करना है।
हितग्राहियों पर जोर
भाजपा का पूरा जोर अब केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे प्रदेश के हितग्राहियों पर है। विधायकों को इसके लिए सक्रिय किया जाएगा कि वे अब बूथ स्तर पर हितग्राहियों की सूची के साथ पहुंचे और सक्रियता दिखाएं। हितग्राहियों से सीधा संपर्क कर उन्हें यह बताए कि भाजपा की सरकारों ने क्या काम किया है। इसके लिए अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को भी टीम बनाकर सक्रिय रहने को कहा जाएगा।
प्रदेश संगठन भी दे चुका है संदेश
राजधानी में विधायक दल की बैठक में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विधायकों को यह संदेश दे चुके हैं कि अब कसावट का वक्त आ गया है। सक्रियता दिखाएं और मैदान में पूरी टीम के साथ उतरें। ताकि पार्टी को नुकसान न हो। विधायकों को कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए भी कहा है साथ ही वरिश्ठ नेताओं के गिले शिकवे दूर करने के निर्देश भी दिए हैं।
हर कमजोरी को दूर करना चाहता है संगठन
भाजपा का प्रदेश संगठन चुनाव के पहले विधानसभा क्षेत्रों में हर कमजोरी को दूर करना चाहता है। संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि कार्यकर्ता के साथ तालमेल बैठाना जरूरी है। संगठन का मानना है कि तय लक्ष्य 51 फीसदी वोट पाना अनिवार्य है। अगर यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो 2018 के चुनाव परिणाम की तरह पार्टी के सामने इस बार भी संकट खड़ा न हो। इस लिहाज से संगठन की तैयारी पूरी तरह से यह है कि भाजपा को इस बार पूर्ण बहुमत मिले और सरकार बनाने में उसे किसी का सहारा न लेना पड़े। यही वजह है कि पूरा संगठन 51 फीसदी वोट पाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।

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