मोदी जी भ्रष्टाचार करने वालों को नहीं छोड़ेंगे
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विपक्ष पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आपस में लड़ने वाले दिल्ली में दोस्ती कर रहें हैं। मोदी जी भ्रष्टाचार करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने विपक्ष के गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसलिए जो दागदार है वह सभी इकट्ठे हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर के विपक्षी दल प्रधानमंत्री के समर्थन की बाढ़ देखकर एक पेड़ पर बैठने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी दूल्हा तो तय नहीं हुआ फूफा नाराज हो गए। अभी नीतीश कुमार ने कहा यह इंडिया, मैं सहमत नहीं हूं कभी लालू जी कुछ कह रहे हैं तो अभी तो बिना दूल्हे की बारात में फूफा नाराज हुए हैं, कल क्या होगा...! उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता इतनी जबर्दस्त है कि, अलग-अलग राज्यों में एक-दूसरे को पानी पी-पीकर गाली देने वाले, कोसने वाले, आपस में लड़ने वाले सभी दागदार इकट्ठा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के प्रति समर्थन की बाढ़ देख सभी विरोधी एक पेड़ पर बैठने की कोशिश कर रहे हैं।
कर्नाटक की घटना दुखद
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कर्नाटक की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि अहिंसा परमो धर्मः, जियो और जीने दो के ध्वजवाहक थे, हमारे जैन संत। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करना क्रूरतम अपराध है। अपराधी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाने चाहिए। मैं कर्नाटक सरकार से यही कहूंगा कि किसी भी कीमत पर अपराधी छोड़े ना जाए, ये केवल जैन संतों का सवाल नहीं है। जैन संत वंदनीय है, पूजनीय है, त्याग के अनुपम उदाहरण है वो। उनका अपना कुछ नहीं है वह लोक कल्याण के लिए काम करते हैं। ये देश का अपमान है। देश के विश्वास का, यह संतों के विश्वास का कत्ल किया गया है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए मना रहे विकास पर्व
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए हम विकास पर्व मना रहे हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास का एक नया इतिहास रचा है। वर्ष 2003 के पहले जहाँ मध्यप्रदेश में एक लाख किलोमीटर टूटी-फूटी सड़कें हुआ करती थीं, वहीं आज 4 लाख 11 हजार किलोमीटर अच्छी सड़कें बनाकर प्रदेश की जनता को सौंपी गई हैं। प्रदेश में अब अटल एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे, नर्मदा एक्सप्रेस-वे जैसे नए मार्गों का काम शुरू करने की तैयारी हो रही है।
ग्रामीण हो या शहरी विकास, प्रदेश में सभी क्षेत्रों में प्रगति
प्रदेश की जीएसडीपी का आकार 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश की ग्रोथ रेट, जो कभी माइनस में हुआ करती थी, वह अब 16 प्रतिशत से ऊपर है। मुझे बताते हुए गर्व है कि मध्यप्रदेश ने लगातार एक दशक से 18 प्रतिशत एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट हासिल की है। वर्ष 2003 तक जहाँ 100 मीट्रिक अन्न का उत्पादन होता था, आज मध्यप्रदेश में 700 मीट्रिक टन अन्न उत्पादन हो रहा है। पहले पर कैपिटा इन्कम 11 हजार रुपये हुआ करती थी, आज यह 1 लाख 40 हजार रुपये हो गई है। अगर जीएसडीपी का आकार देखें तो कभी यह 71 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुँच गया है। देश की जीएसडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान पहले केवल 3 प्रतिशत के आसपास हुआ करता था, जो अब 4.6 प्रतिशत हो गया है।

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