मंगलवार, 18 जुलाई 2023

कूनों में तीन चीते और संक्रमित, गले में मिले घाव के निशान

आईडी कॉलर को लेकर उठ रहे सवाल

चीतों की की लगातार हो रही मौत को लेकर मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क सुर्खियों में बना हुआ है। यहां पर पांच चीतों और 3 शावकों की मौत हो चुकी है। इस घटना को लेकर अब राज्य का वन विभाग में सकते में हैं। चीतों की मौत के चलते वन विभाग ने पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ को हटा दिया है। उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी की पदस्थापना  की जा चुकी है। वहीं अब चीतों को लेकर खबर यह आ रही है कि इनके गले में लगे कॉलर आईडी के चलते घाव के निशान नजर आए हैं। इसे हटा दिया गया है। अब साउथ आफ्रीका से विशेशज्ञों के जांच के लिए आने की बात कही जा रही है। 

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की हो रही मौत के बाद वन विभाग की नींद उड़ी हुई है। पांच चीतों और तीन ष्शावकों के मौत के बाद पार्क में तीन चीते और संक्रमित पाए गए हैं। इसे लेकर वन विभाग के आला अधिकारी परेशान हो गए हैं। बताया जाता है कि तीन चीते में से ओबान नाम का चीता पकड़ में आया है। ओबान को जब बेहोश कर उसके शरीर पर लगे कॉलर आईडी को हटाया गया तो वन अधिकारी भौंचक्के रह गए, चीते के शरीर पर गहरा जख्म हो गया था। इतना ही नहीं चीते के शरीर पर मिले गहरे घाव में कीड़े तक पड़ चुके। फिलहाल, उसका इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बाकी के 2 संक्रमित चीते एल्टन और फ्रेडी को ट्रैप कर बेहोश करने की कोशिश जारी है, ताकि समय रहते उसका उपचार किया जा सके।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए दक्षिण अफ्रीका से विशेषज्ञ को बुलाया गया है। साउथ अफ्रीका के वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट माइक टॉफ्ट चीतों की जांच के लिए कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे। इसके बाद ही चीतों के स्वास्थ्य और लगातार हो रही मौतों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

कॉलर आईडी को लेकर उठे सवाल

ओबान नाम के चीते के गले में कॉलर आईडी लगे स्थान पर मिले घाव के बाद चीतों के गले में लगाए गए कॉलर आईडी को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि रेडियो कॉलर के कारण चीते सेप्टीसीमिया के शिकार हो रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के विशेशज्ञ ने यह दावा किया था कि चीतों की गर्दन में जो रेडियो कॉलर पहनाया गया है, उसके कारण तेजस और सूरज चीतों को सेप्टीसीमिया हो गया और उनकी मौत हो गई।

क्या है सेप्टीसीमिया 

सेप्टीसीमिया एक गंभीर ब्लड इंफेक्शन होता है और इससे खून में जहर बनने लगता है। बताया जाता है कि जानवरों के शरीर के बाहरी हिस्से में लंबे समय तक नमी बने रहने के कारण संक्रमण होने लगता है और ये सेप्टीसीमिया का रूप ले लेता है। गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क में अब तक दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए कुल 20 चीतों में से अब तक यह 8 वीं मौत है। इसके अलावा यहां पैदा हुए 5 शावक में से तीन शावक भी दम तोड़ चुके हैं।

दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए हैं चीते

भारत में चीतों की आबादी को फिर से बसाने के लिए 8 चीतों को नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 17 सितंबर 2022 को इन्हे विशेष बाड़ों में छोड़ा। इनमें 5 मादा और 3 नर चीते शामिल थे। इस साल 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते (7 नर और 5 मादा) कूनो नेशनल पार्क में लाए गए थे। कूनो में चार शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या 24 हो गई थी, लेकिन 8 मौतों के बाद यह संख्या घटकर 16 रह गई है। इससे पहले भारत में चीतों को 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।


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