रविवार, 9 जुलाई 2023

मध्यप्रदेश कांग्रेस में तीन हजार से ज्यादा टिकिट के दावेदार

परेशान संगठन, कहा सर्वे और स्थानीय संगठन से चर्चा के बाद तय होगा प्रत्याशी

मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में बदलाव नजर आया है। चुनाव के पहले से ही दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पास अब तक करीब 35 सौ दावेदारों ने टिकट के लिए दावेदारी की है। वैसे कमलनाथ साफ कर चुके हैं कि टिकट सर्वे और जिताउ प्रत्याशी को ही मिलेगा। इसके बाद भी लगातार दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। 

मध्यप्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में टिकट के लिए दावेदारी करने वालों की सक्रियता भी बढ़ी है। भाजपा और कांग्रेस में इन दावेदारों की संख्या सदैव ही ज्यादा रही है। इस बार भाजपा से ज्यादा कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की संख्या अब तक नजर आई है। वैसे भाजपा में भी दावेदारों की संख्या कम नहीं है, मगर फिलहाल संगठन की कसावट और सिंधिया समर्थकों को लेकर चल रही नाराजगी के चलते मामला ठंडा पड़ा हुआ है। वहीं कांग्रेस में दावेदारों की संख्या में इजाफा हुआ है। हाल ही में मीडिया में आए सर्वे को इसका बड़ा कारण भी माना जा रहा है। सर्वे में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत बताया गया है, जिसके चलते दावेदारों की दावेदारी भी बढ़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को दावेदार व्यक्तिगत मुलाकात कर अपनी प्रोफाइल भी दे चुके हैं। बताया जा रहा है कि औसतन हर विधानसभा सीट पर 15 दावेदारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। असल में दावेदारी करने वाले 35 सौ नेताओं में वो भी शामिल हैं जो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। सिंधिया समर्थकों ने भी कांग्रेस में टिकट की दावेदारी कर प्रदेश अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टिकिट के दावेदारों की संख्या को देख कांग्रेस के वरिश्ठ नेता भी चिंतित होने लगे हैं। उन्हें इस बात की चिंता ज्यादा सता रही है कि फिलहाल जो मैदानी माहौल कांग्रेस का बना है, वह टिकट वितरण के बाद नाराजगी में न बदल जाए। वहीं आदिवासी संगठन और अन्य दल भी कांग्रेस के साथ मैदान में उतरने की तैयारी करने की बात कह रहे हैं। ये संगठन कांग्रेस से कुछ सीट मांग रहे हैं। इस बात को लेकर कांग्रेस ज्यादा चिंतित नजर आ रही है। 

सर्वे के आधार पर तय होगा प्रत्याशी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पहले ही यह बात कह चुके हैं, वे टिकट का वितरण सर्वे और स्थानीय संगठन से चर्चा के बाद ही होगा। कमलनाथ खुद लगातार हर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करा रहे हैं और प्रत्याशी तलाश रहे हैं। वहीं दूसरी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी याने एआईसीसी भी अपना सर्वे करा रही है। यह सर्वे राहुल गांधी के निर्देश पर किया जा रहा है। सर्वे में दावेदार की जातियों से संबंधित समीकरण,दावेदार का क्षेत्र में वजूद और उसकी विश्वसनीयता को भी हर कसौटी पर परखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने ये दावा भी किया है कि उनके और एआईसीसी के सर्वे में जिस दावेदार की जीत नज़र आएगी टिकट उसको ही मिलेगा। 

भाजपा में भी है घमासान 

टिकट के दावेदारों को लेकर भाजपा में भी संख्या वैसे कम नहीं है। फिलहाल तो पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों के अलावा संगठन के पदाधिकारी टिकट के लिए दबाव बनाए हुए हैं। वहीं सिंधिया समर्थक जो भाजपा में ष्शामिल हुए वे भी लगातार दावेदारी कर टिकट की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा निश्ठावान कार्यकर्ता भी टिकट पाने के लिए सक्रियता दिखा रहा है। भाजपा में भी दावेदारों की लंबी कतार है। खबर ये भी मिली है कि संघ के साथ साथ भाजपा भी टिकट को लेकर दावेदारों का सर्वे करवा रही है। देखना दिलचस्प होगा कि टिकट के लिए दावेदारी का ये आंकड़ा चुनावों तक कहां जाकर रुकेगा।


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