बुधवार, 19 जुलाई 2023

खेमों में बंटे नेता, लाभ उठाना चाहती है कांग्रेस

सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस की बढ़ी सक्रियता


भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की मैदानी तैयारियां तेज हो गई है। दोनों ही दलों के दिल्ली से बड़े नेताओं के दौरे भी तेज हो चले हैं। इन दौरों के तहत अब कांग्रेस की राश्टीय महासचिव प्रियंका गांधी का दौरा तय किया है। वे 21 को ग्वालियर-चंबल अंचल में सभा करने जा रही है। कांग्रेस इस अंचल में भाजपा में नेताओं के बीच चल रही खेमेबाजी का फायदा उठाना चाह रही है।

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में जहां दिल्ली के नेताओं ने भोपाल पहुंचकर बैठकों का दौर तेज किया है। वहीं कांग्रेस ने मैदान में उतरकर सभाएं करना तेज कर दिया है। कांग्रेस के राश्टीय महासचिव प्रियंका गांधी महाकौशल के जबलपुर में सभा करने के बाद अब 21 जुलाई को ग्वालियर-चंबल अंचल में सभा करने वाली है। इस अंचल में प्रियंका की सभा कराकर कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल तैयार करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेताओं का पूरा फोकस प्रियंका की सभा पर है। यह पहला अवसर भी है जब केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर-चंबल में गांधी परिवार सक्रिय हो रहा है। कांग्रेस यहां पर भाजपा नेताओं के बीच चल रही खेमेबाजी का फायदा उठाना चाहती है। सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद इस अंचल में भाजपा के नेताओं द्वारा कई बार विरोध के स्वर उठाए गए और संगठन के सामने अपनी नाराजगी भी जताई। नेताओं की नाराजगी का फायदा अब कांग्रेस यहां उठाना चाहती है। 

गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में इन दिनों केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, के अलावा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, संगठन और मुख्यमंत्री के समर्थकों के बीच ज्यादा ही खेमेबाजी नजर आई है। इसके अलावा भी अन्य नेताओं की नाराजगी भी सामने आई है। इसके चलते कांग्रेस नेताओं में इस बात को लेकर उत्साह भी है कि अगर कांग्रेस नेताओं की खेमेबाजी का फायदा उठाकर एक बार फिर इस अंचल में कांग्रेस को ज्यादा से ज्यादा सीटें दिला सकते हैं। 

राहुल साधेंगे आदिवासियों को 

प्रियंका गांधी की ग्वालियर-अंचल की सभा के बाद राहुल गांधी का ष्शहडोल का दौरा कांग्रेस ने तय किया है। संभवतः राहुल का दौरा 8 अगस्त हो होगा। इसी अंचल में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 जुलाई को बड़ा कार्यक्रम कर चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों का पूरा जोर आदिवासी समाज को साधने पर है। यही वजह है कि भाजपा के बाद अब कांग्रेस इस अंचल में राहुल गांधी की सभा कराने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटी है। 


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