रविवार, 1 दिसंबर 2019

हद है लापरवाही की, बेटियों की जान की कोई कीमत नहीं


शिवराज सिंह चौहान
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने टार्च की रोशनी में महिलाओं के नसबंदी किए जाने को लेकर कहा कि लापवाही की हद है, बेटियों की जान की कोई कीमत नहीं. 
 पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना जिले के बिरसिंहपुर में मोबाइल टार्च की रोशनी में महिलाओं की नसबंदी किए जाने के मामले पर कड़ा विरोध जताया है. ट्वीट के जरिये चौहान ने कहा है कि हद है लापरवाही की, आखिर बेटियों की जानकारी की कोई कीमत नहीं है. प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं और शासन प्रशासन कुतर्क दिए जा रहे हैं. एक अन्य ट्वीट में पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं को रोजगार नहीं मिलने के मामले में कहा है कि युवाओं को अधर में लटकाने का क्या कारण है? नियुक्ति तो मिल नहीं रही और उन्हें अपनी मांगों को लेकर विरोध करने के लिए शहर में नहीं घुसने दिया जा रहा है. क्या सरकार प्रदेश की प्रतिभाओं को दबाना चाहती है? पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि क्या वाकई विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस सरकार अपनी शान मानती है? अन्नदाता को बर्बादी से उबारने की जरूरत है. सर्वे हो गया और अब मुआवजे के लिए किस बात का इंतजार है.
स्वास्थ्य सेवाएं हो गई ध्वस्त
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सुना है 1 साल पूरा होने पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार उपलब्धियों का बखान करेगी, लेकिन प्रदेश की हकीकत ये है. नागदा के बाद अब सतना में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती तस्वीर  प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हकीकत बयां करती है. एक अन्य ट्वीट में भार्गव ने लिखा है कि ट्रांसफर पोस्टिंग, अवैध वसूली के चक्कर में@कांग्रेस की सरकार मूलभूत सुविधाओं तक नहीं दे पा रही है. प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो चुकी है, जनता बेहाल है. कहां से आय बढ़े सरकार को इस बात की चिंता है, लेकिन गरीब जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो इस बात की फिक्र नही है.

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