मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

मुंडन कराने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे असिस्टेंट प्रोफेसर


राजधानी में नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसरों ने सिर मुंडकर विरोध करने के बाद अब भूख हड़ताल शुरु कर दी है. भूख हड़ताल पर 21 असिस्टेंट प्रोफेसर बेठे हैं. 
लोक सेवा आयोग में चयन होने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से ये असिस्टेंट प्रोफेसर विरोध जता रहे हैं. 3109 असिस्टेंट फ्रोफेसर्स का चयन होने के बाद भी इन्हें ज्वानिंग नहीं दी गई है. 15 महीनों से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे उम्मीदवारों का सब्र का बांध टूट गया है. 24 नवंबर को डा. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि महू से पद यात्रा शुरू हुई और शनिवार को भोपाल पहुंची थी. शनिवार को यात्रा में शामिल लोगों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था. रविवार को यात्रा शामिल लोग शहर में प्रवेश कर गए और नीलम पार्क में जम गए.  यहां पर विरोध कर रहे  27 असिस्टेंट प्रोफसरों  ने मुंडन भी कराया था.
मुंडन कराने के बाद अब असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. इनका कहना है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. हमें आश्वासन नहीं, बल्कि आदेश चाहिए. प्रदर्शन कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसरों का कहना है कि उन्हें जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने आश्वासन दिया था कि कैबिनेट बैठक में उनके मुद्दों पर चर्चा हुई है. जल्द ही उन्हें खुशखबरी मिलेगी. असिस्टेंट प्रोफसरों का कहना है कि मंत्री द्वारा दिए आश्वासन पर हम अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.
उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 9037 में से 4727 पद खाली हैं. इनमें से करीब 3379 पदों पर भर्ती के लिए विभाग की डिमांड पर  लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने आॅनलाइन परीक्षा आयोजित कर  उम्मीदवारों का चयन किया. यह उम्मीदवार पिछले 15 महीनों से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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