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| कमलनाथ |
मध्यप्रदेश की आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्ष और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह को सरकार को बिना जानकारी दिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019-20 के लिए आरक्षण का आदेश जारी करना महंगा पड़ गया. इस बात की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नाराजगी जताई और उन्हें मंत्रालय से बाहर प्रशासन अकादमी में पदस्थ कर दिया.
मिली जानकारी के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने गौरी सिंह के खिलाफ मुख्यमंत्री कमलनाथ से शिकायत की थी. कमलेश्वर पटेल ने अपने शिकायत में कहा था कि गौरी सिंह ने बिना सरकार को जानकारी दिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019-20 के लिए पंच, सरपंच, उप सरपंच, जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के आरक्षण के का आदेश एक दिन पहले ही जारी कर दिया है. बता दें कि पूर्व अपर मुख्य सचिव गौरीसिंह ने 29 नवंबर को यह आदेश जारी किया था.
पंचायत मंत्री की इस शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ गौरी सिंह से नाराज हुए. उन्होंने तत्काल प्रभाव से गौरी सिंह का तबादला कर दिया है. अब गौरी सिंह को प्रशासन अकादमी के महानिदेशक के तौर पर पदस्थ किया गया है. गौरी सिंह के प्रशासन अकादमी पहुंचने से 1985 बैच के आईएएस इकबाल सिंह बैंस इस जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे. वे अभी प्रशासन अकादमी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं. हालांकि अध्यक्ष राजस्व मंडल ग्वालियर और अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रहेगा. गौरी सिंह के स्थान पर राज्य सरकार ने आईएएस मनोज श्रीवास्तव को अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास बनाया गया है. विकास आयुक्त तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव पदस्थ किया गया है. इसके साथ ही वे पशुपालन और अध्यात्म विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे.

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