मुख्यमंत्री, गृह मंत्री की नाराजगी, आरोपी के घर चला बुल्डोजर
भोपाल। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक के साथ हुई
अमानवीय वारदात को लेकर भाजपा और सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। प्रदेश कांग्रेस के अलावा बसपा की सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों ने घटना को आदिवासियों का अपमान बताया है। जबकि भाजपा इस मामले को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और एनएसए के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश के बाद आज दोपहर को आरोपी युवक के यहां बुल्डोजर चला गया।
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक युवक, दलित युवक के उपर सिगरेट पीते हुए पेशाब करता हुआ नजर आया। यह युवक भाजपा के विधायक केदार ष्शुक्ला का प्रतिनिधि बताया जा रहा है। जबकि केदार ष्शुक्ला ने इसे मानने से इंकार किया है। हालांकि विपक्षी दल युवक को भाजपा नेता बताते हुए भाजपा और सरकार को घेर रहे हैं। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस के अलावा बसपा और सपा एवं अन्य दलों ने आज भाजपा और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। बसपा की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक आदिवासी, दलित युवक पर स्थानीय दबंग नेता द्वारा पेशाब किए जाने की घटना अति-शर्मनाक, जिस अमानवीय कृत्य की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद ही सरकार का जागना इनकी संलिप्तता को साबित करता है। मायावती ने एक अन्य ट्वीट करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की।
प्रशासन ने चला दिया बुलडोजर
आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पर बुलडोजर चला दिया गया है। दोपहर को सीधी प्रशासन बुलडोजर लेकर प्रवेश शुक्ला के घर पहुंचा, इसके बाद उसके घर का कुछ हिस्सा गिरा दिया गया। इस दौरान आरोपी की मां और परिवार के अन्य सदस्य प्रशासन से तोड़फोड़ न करने की गुहार लगाते नजर आए। इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऑफिस ने ट्वीट कर लिखा है कि एनएसए लगा दिया गया है, बुलडोजर भी चला दिया गया है और अगर जरूरत पड़ी तो मामा जी अपराधियों को 10 फुट जमीन के नीचे भी गाड़ देंगे। मामाजी का संदेश साफ है, इसलिए गलत मंशा वालों मध्य प्रदेश में अपराध करने से पहले 10 बार सोच लेना।
कमलनाथ ने दी चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया है और इस मामले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कमलनाथ ने कहा कि सीधी जिले में एक आदिवासी युवक के ऊपर भाजपा नेता के पेशाब करने का वीडियो देखकर रूह कांप जाती है। क्या सत्ता का नशा इस कदर भाजपा के नेताओं पर चढ़ गया है कि वे इंसान को इंसान नहीं समझ रहे। यह घटना आदिवासी अस्मिता पर प्रहार है. यह घटना टंट्या मामा और बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों का अपमान है. यह घटना मध्य प्रदेश के करोड़ों आदिवासी भाई बहनों का अपमान है। कमलनाथ ने कहा कि मैं शिवराज सरकार को चेतावनी देता हूं कि आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचारों को सरकारी संरक्षण देना बंद करें, कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से आदिवासी समाज के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिला कर रहेगी।
अपराधी केवल अपराधी होता है : शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर एनएसए लगाने को कहा है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आरोपी प्रवेश शुक्ल के भाजपा से जुड़े होने के सवाल पर पर कहा कि अपराधी की ना तो कोई जाति होती है। अपराधी का ना कोई धर्म होता है।अपराधी की ना कोई पार्टी होती है। अपराधी केवल अपराधी होता है।
भाजपा ने की जांच समिति गठित
भाजपा ने इस मामले में जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति का गठन किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा ने मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति का गठन किय है। रामलाल रौतेल के नेतृत्व में समिति का गठन किया गया है। इस समिति में 2 भाजपा विधायक अमर सिंह, शरद कोल, संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर कांत देव सिंह रहेंगे। समिति जांच रिपोर्ट संगठन को देगी।
शिवपुरी की घटना पर कांग्रेस चुप क्यों ?
वीडी शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधाते हुए कहा कि शिवपुरी के नरवर में मुस्लिमों द्वारा दलित को मल खिलाने की घटना पर कांग्रेस चुप क्यों हैं। ये तुष्टिकरण की राजनीति है, जबकि दोनों मामले में राज्य सरकार कार्रवाई कर रही है। लेकिन कांग्रेस एक घटना पर बयान देती है, दूसरी पर चुप रहती हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि सीधी मामले में आरोपी का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। प्रतिनिधि हो, चाहे कोई हो, अपराधी अपराधी होता है, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
भूरिया ने कहा सीबीआई को सौंपे जांच की जिम्मेदारी
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और विधायक कांतिलाल भूरिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सीधी में हुई घटना आदिवासी समुदाय का अपमान है। राज्य सरकार को मामले की जांच सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंप देनी चाहिए और मामले की सुनवाई ग़ैर-भाजपा राज्यों की अदालत में होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपए का मुआवजा और परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए। भूरिया ने आरोप लगाया कि यह वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पीड़ित आरोपी भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला से इतना डरा हुआ था कि महीनों बाद भी पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। साथ ही आरोपी ने एक शपथ पत्र भी ले लिया जिसमें पीड़ित ने कहा कि उसके (शुक्ला के) खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।


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