मामा बालेश्वर दयाल की पुण्यतिथि पर बामनिया में कल से दो दिनों तक समाजवादियों को जमावड़ा रहेगा. शरद यादव सहित अन्य समाजवादी यहां पर दो दिनों तक रहेंगे. इस अवसर पर 26 दिसंबर को साझा विरासत सम्मेलन भी होगा. सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राम स्वरूप मंत्री व महासचिव दिनेश कुशवाह ने बताया कि मामा बालेश्वर दयाल की पुण्यतिथि के अवसर पर बामनिया में कल 25 दिसंबर से दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. 26 दिसंबर तक चलने वाले इस आयोजन में सोसलिस्ट पार्टी की बैठक भी होगी. बैठक में मध्य प्रदेश विधानसभा पर होने वाले प्रदर्शन, राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ होने वाले आंदोलन और संगठन के संबंध में विचार किया जाएगा. 26 दिसंबर को साझा विरासत सम्मेलन भी होगा, जिसमें मुख्य अतिथि शरद यादव, समाजवादी समागम के राष्ट्रीय संयोजक किसान संघर्ष समिति के नेता डॉक्टर सुनीलम ,लोहिया विचार मंच के प्रांतीय अध्यक्ष राम बाबू अग्रवाल सहित क ई नेता शिरकत करेगे. डा सुनीलम के नेतृत्व में राजस्थान से शुरू हुई यात्रा भी २५ दिसम्बर को बामनिया पहुंचेगी. इसी के साथ मामा बालेश्वर दयाल को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी और आदिवासियों का सम्मेलन भी होगा. रविवार, 24 दिसंबर 2017
बामनिया में समाजवादियों का जमावड़ा 25 से
मामा बालेश्वर दयाल की पुण्यतिथि पर बामनिया में कल से दो दिनों तक समाजवादियों को जमावड़ा रहेगा. शरद यादव सहित अन्य समाजवादी यहां पर दो दिनों तक रहेंगे. इस अवसर पर 26 दिसंबर को साझा विरासत सम्मेलन भी होगा. सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राम स्वरूप मंत्री व महासचिव दिनेश कुशवाह ने बताया कि मामा बालेश्वर दयाल की पुण्यतिथि के अवसर पर बामनिया में कल 25 दिसंबर से दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. 26 दिसंबर तक चलने वाले इस आयोजन में सोसलिस्ट पार्टी की बैठक भी होगी. बैठक में मध्य प्रदेश विधानसभा पर होने वाले प्रदर्शन, राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ होने वाले आंदोलन और संगठन के संबंध में विचार किया जाएगा. 26 दिसंबर को साझा विरासत सम्मेलन भी होगा, जिसमें मुख्य अतिथि शरद यादव, समाजवादी समागम के राष्ट्रीय संयोजक किसान संघर्ष समिति के नेता डॉक्टर सुनीलम ,लोहिया विचार मंच के प्रांतीय अध्यक्ष राम बाबू अग्रवाल सहित क ई नेता शिरकत करेगे. डा सुनीलम के नेतृत्व में राजस्थान से शुरू हुई यात्रा भी २५ दिसम्बर को बामनिया पहुंचेगी. इसी के साथ मामा बालेश्वर दयाल को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी और आदिवासियों का सम्मेलन भी होगा.
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