आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनता के 1 हजार करोड़ रुपए डूबो कर फिर बिजली महंगी करने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार आम जनता के पैसों के साथ खिलवाड़ कर रही है.अग्रवाल ने यह आरोप पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष एक याचिका दायर कर कहा गया है कि वह बिरसिंहपुर पाली में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह की दो इकाइयों के नवीनीकरण के लिए 1 हजार करोड़ रुपए लगाना चाहती है. यदि यह 1 हजार करोड़ रुपए लगाया जाता है तो मध्यप्रदेश के आम उपभोक्ताओं की बिजली और महंगी हो जाएगी. आम आदमी पार्टी का मानना है कि कि चुनावी वर्ष में उच्चतम क्षमता पर चल रहे संजय गांधी विद्युत ताप गृह में अनावश्यक रूप से जनता का 1 हजार करोड़ रुपए लगाना गंभीर आशंका पैदा करता है. आम आदमी पार्टी मांग करती है कि आम जनता के पैसे के साथ खिलवाड़ रोका जाए और में बिजली महंगी करने के स्थान पर बिजली के दाम आधे किए जाएं.
अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली के क्षेत्र में हो रहे तमाम घोटालों के कारण बिजली के दाम सबसे अधिक महंगे हैं. दिल्ली में जहां आम आदमी पार्टी की सरकार 200 यूनिट बिजली 462 रुपए में देती है, वहीं मध्य प्रदेश की जनता को 200 यूनिट बिजली के लिए 1370 रुपए देने पड़ते हैं. अब बिजली के दाम कम करना तो दूर एक बार फिर बिजली के दामों को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. चुनावी वर्ष में 1000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव एक नये घोटाले को जन्म दे रहा है.
याचिका वापस ले सरकार
अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 1 हजार करोड़ का निवेश पूर्णता गैरजरूरी है, परंतु चुनावी वर्ष में इस तरह के निवेश को करना संदेह को जन्म देता है. आम आदमी पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है. राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आम आदमी पार्टी के ऊर्जा सलाहकार राजेंद्र अग्रवाल द्वारा 19 दिसंबर को इस याचिका का कड़ा विरोध किया गया. आम आदमी पार्टी मांग करती है कि इस याचिका को तत्काल वापस लिया जाए, मध्यप्रदेश में बिजली के दामों को आधा किया जाए, बिजली के अनाप-शनाप बढ़े हुए बिलों को माफ किया जाए.
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