मध्यप्रेदश के रायसेन जिले के औद्योगिक थाना सतलापुर क्षेत्र में शनिवार की शाम भव्यसिटी कॉलोनी से एक 3 साल की बच्ची के अपहरण के बाद पुलिस की सक्रियता ओर सोशल मीडिया की मदद से पुलिस ने खोज लिया.
दरअसल शनिवार शाम थाना सतलापुर को पुलिस मुख्यालय भोपाल से सूचना प्राप्त हुई कि, भव्यसिटी कालोनी से एक 3 साल की मासूम बालिका का अपहरण हो गया है. सूचना के बाद थाना प्रभारी सतलापुर पीयूष चार्ल्स ने रायसेन पुलिस अधीक्षक जगत सिंह राजपूत को तत्काल जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक राजपूत द्वारा थाना प्रभारी सतलापुर, मंडीदीप, नूरगंज, भारकच्छ के बल से पुलिस टीम बनाकर, अपहृत बालिका की तलाश में लगाया गया. साथ ही घटना की सूचना पुलिस आईजी भोपाल जयदीप प्रसाद व आईजी होशंगाबाद रवि कुमार गुप्ता को दी गई. दोनों अधिकारियों ने तत्काल अपने-अपने क्षेत्र के थाना प्रभारियों को सघन वाहन चैकिंग के निर्देश दिये. आईजी भोपाल ने जिला भोपाल के सभी पुलिस अधिकारियों को व्हाट्स-अप ग्रुप पर अपहृत बालिका का फोटो भेजा. थाना बैरसिया-भोपाल के सामने एसडीपीओ बैरसिया संजीव कुमार भगत , थाना प्रभारी व थाना स्टाफ चैकिंग कर रहे थे. इसी दौरान रात लगभग 11.30 बजे पुलिस कर्मियों को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि, थोड़ी दूरी पर एक छोटी बच्ची रो रही है, सूचना पर बच्ची को जाकर देखा तो, वह वही बच्ची पाई गई जिसके अपहरण की सूचना व फोटो व्हाट्स-अप पर प्रसारित हुआ था. बालिका की पहचान होने पर रायसेन एसपी को सूचना दी गईं. जिसके बाद रायसेन एसपी सतलापुर पुलिस टीम के साथ बैरसिया पहुंचे और बालिका को लेकर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया. अपहृत बच्ची की पहचान आराध्या उर्फ एन्जील पुत्री अनिल झांगरे निवासी 34 भव्यसिटी सतलापुर हुई है. पुलिस चैकिंग में पकड़ाने के भय से अपराधी उसे बैरसिया थाने के पास छोड़कर भाग निकले. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, स्थानीय व ग्रामीणों की सहायता से उनकी तलाश की जा रही है. रायसेन एएसपी के अनुसार विभाग में सही समन्वय, सहयोग एवं सोशल मीडिया के सहयोग से अपहृत बच्ची आराध्या को मात्र 3 घंटे में ढूंढ़ने में सफलता प्राप्त की है.
दरअसल शनिवार शाम थाना सतलापुर को पुलिस मुख्यालय भोपाल से सूचना प्राप्त हुई कि, भव्यसिटी कालोनी से एक 3 साल की मासूम बालिका का अपहरण हो गया है. सूचना के बाद थाना प्रभारी सतलापुर पीयूष चार्ल्स ने रायसेन पुलिस अधीक्षक जगत सिंह राजपूत को तत्काल जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक राजपूत द्वारा थाना प्रभारी सतलापुर, मंडीदीप, नूरगंज, भारकच्छ के बल से पुलिस टीम बनाकर, अपहृत बालिका की तलाश में लगाया गया. साथ ही घटना की सूचना पुलिस आईजी भोपाल जयदीप प्रसाद व आईजी होशंगाबाद रवि कुमार गुप्ता को दी गई. दोनों अधिकारियों ने तत्काल अपने-अपने क्षेत्र के थाना प्रभारियों को सघन वाहन चैकिंग के निर्देश दिये. आईजी भोपाल ने जिला भोपाल के सभी पुलिस अधिकारियों को व्हाट्स-अप ग्रुप पर अपहृत बालिका का फोटो भेजा. थाना बैरसिया-भोपाल के सामने एसडीपीओ बैरसिया संजीव कुमार भगत , थाना प्रभारी व थाना स्टाफ चैकिंग कर रहे थे. इसी दौरान रात लगभग 11.30 बजे पुलिस कर्मियों को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि, थोड़ी दूरी पर एक छोटी बच्ची रो रही है, सूचना पर बच्ची को जाकर देखा तो, वह वही बच्ची पाई गई जिसके अपहरण की सूचना व फोटो व्हाट्स-अप पर प्रसारित हुआ था. बालिका की पहचान होने पर रायसेन एसपी को सूचना दी गईं. जिसके बाद रायसेन एसपी सतलापुर पुलिस टीम के साथ बैरसिया पहुंचे और बालिका को लेकर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया. अपहृत बच्ची की पहचान आराध्या उर्फ एन्जील पुत्री अनिल झांगरे निवासी 34 भव्यसिटी सतलापुर हुई है. पुलिस चैकिंग में पकड़ाने के भय से अपराधी उसे बैरसिया थाने के पास छोड़कर भाग निकले. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, स्थानीय व ग्रामीणों की सहायता से उनकी तलाश की जा रही है. रायसेन एएसपी के अनुसार विभाग में सही समन्वय, सहयोग एवं सोशल मीडिया के सहयोग से अपहृत बच्ची आराध्या को मात्र 3 घंटे में ढूंढ़ने में सफलता प्राप्त की है.
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