शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

उज्जैन कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रशासन को नोटिस

अरूणिमा सिन्हा 

अरूणिमा मामले को मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया 
दिव्यांग एवरेस्ट विजेता अरूणिमा सिन्हा के महाकाल मंदिर में दर्शन न कर पाने के मामले को मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है. आयोग ने उज्जैन कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
आयोग ने पूछा है कि मंदिर में दर्शन के लिए आए दिव्यांगों और वृद्धजनों के लिए क्या विशेष प्रबंध किए गए हैं, और नंदी हाल में प्रवेश के लिए आवश्यक परिधान की जानकारी आमजनों को पहले से ही कराने के लिए क्या व्यवस्था की गई है.बता दें कि दुनियाभर में सबसे पहले माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा को उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए था कि उन्हें एवरेस्ट पर चढ़ने में इतनी दिक्कत नहीं आई, जितना महाकाल मंदिर के दर्शन करने में आई.अरुणिमा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्विट कर बताया था कि "आपको ये बताते हुए बहुत दु:ख है कि मुझे एवरेस्ट चढ़ने में इतनी दिक्कत नहीं हुई, जितनी महाकाल मंदिर उज्जैन में हुई. वहां मेरी दिव्यंगता का मजाक बना."ट्वीट के बाद हालांकि पहले महाकाल मंदिर प्रशासन की ओर से सफाई दी गई. इसके बाद प्रदेश सरकार की मंत्री अर्चना चिटनिस ने घोषणा की कि वे अरुणिमा को मनाने जाएंगी और फिर से मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण देंगी.
अरुणिमा बुरहानपुर में मंत्री अर्चना चिटनिस के पिता की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ही मध्यप्रदेश आईं थीं. कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अरुणिमा ने महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए बुकिंग कराई थी. बुकिंग अर्चना चिटनिस के मेहमान के तौर पर ही दर्ज हुई थी.

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