सोमवार, 25 दिसंबर 2017

नोटबंदी, जीएसटी सर्व स्पर्शी नवाचार रहा: डॉ.संबित पात्रा

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में चल रही  प्रो.बृजमोहन मिश्र स्मृति न्यास द्वारा आयोजित वैचारिक मंथन ताप्ती श्रवणमाला के समापन सत्र को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने सुशासन,  नवाचार से विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि, नोटबंदी तथा जीएसटी सर्वस्पर्शी नवाचार रहें हैं. हमें देश में पृथक-पृथक देखने की प्रवृति को समाप्त करना होगा. समावेशी प्रक्रिया से ही देश आगे बढ़ेगा. गतिशीलता और कर्मण्यता ही सुशासन के परिचायक हैं. यह गुण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन के हर क्रियाकलाप में दृष्टिगोचर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि जातिवाद, परिवारवाद तथा तुष्टिकरण की नीतियों से देश को मुक्त करना होगा. पात्रा ने कहा कि भारत की जनता ने नोटबंदी को जिस स्वरूप में स्वीकार किया वह जनता की नवाचार और देश को आगे बढ़ाने की दृढ़ इच्छा का परिचायक हैं. 
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने सुशासन से नवाचार पर व्याख्यान दिया. उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर कहा जीएसटी को भाजपा ने लागू किया. जीएसटी निकलते ही इसका मतलब गब्बरसिंह हो गया,लेकिन गुजरात में इस गब्बरसिंह को विकास ने मार डाला. आज देश बदल रहा है. नोटबंदी आसान निर्णय नहीं था. इतना बड़ा निर्णय लेने के लिए सामर्थ्य चाहिए, लेकिन देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र की भावनाओं को समझा. परेशानियां उठाई. नोटबंदी सफल हुई. कांग्रेस पर पात्रा ने कहा पहले की सरकार में सभी मंत्री अपने आप को प्रधानमंत्री समझते थे, लेकिन बस प्रधानमंत्री अपने आप को प्रधानमंत्री नहीं समझते थे. उनसे कुछ भी पूछो तो कहते थे मेनू की पता. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें