गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

रोजगारोंन्मुख प्रशिक्षण देगी सरकार,वित्तीय सहायता भी मिलेगी युवाओं को



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. इससे वे रोजगार पाने और स्वरोजगार स्थापित करने के काबिल बन सकेंगे. 
मुख्यमंत्री युवा सशक्तिकरण मिशन की समीक्षा कर रहे थे. इस मौके पर रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत विजयराव देशमुख, मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है. इसके लिए प्रतिवर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को विभिन्न प्रकार का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं जिसमें रोजगार की शत-प्रतिशत संभावनाएं हों. उन्होंने कहा कि हर जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार मेले आयोजित किए जाएं. इनमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार संबंधी समुचित जानकारी दी जाए. साथ ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कम्पनियों को भी आमंत्रित किया जाए. उन्होंने प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए. इस अवसर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के अंतर्गत तीन लाख दस हजार युवाओं को अल्पावधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इनमें आईटीआई, कौशल विकास केन्द्र, इंजीनियरिंग एवं पालीटेक्निक कालेज, प्रशासकीय विभाग एवं अन्य अर्द्धशासकीय संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. 
जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में दलहनों का होगा वितरण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लोगों को दलहनों का वितरण किया जाएगा. यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में श्योपुर जिले के कराहल एवं खंडवा जिले के खालवा विकासखण्ड से शुरू किया जाएगा. इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक किलो दाल मात्र दस रुपए में उपलब्ध करायी जाएगी. इस अभिनव कार्यक्रम से दोनों विकासखण्ड के लगभग 75 हजार परिवारों के साढ़े तीन लाख लोग लाभांवित होंगे. मुख्यमंत्री  ने दलहन वितरण का यह महत्वाकांक्षी निर्णय आज यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया. उन्होंने अधिकारियों को दलहन वितरण की व्यवस्था करने और जनजातीय वर्ग के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि जनसमुदाय की राय से ही तय किया जाएगा कि उन्हें दाल या खड़ी दाल के रूप में दलहनें उपलब्ध करायी जाए. 

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