भाजपा, कांग्रेस दोनों ही दल हुए सक्रिय, प्रत्याशी का नहीं हुआ चयन
मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए जनवरी माह की 17 तारीख को होने वाले नगरीय निकाय के चुनाव चिंता का कारण बन गए हैं. मुंगावली और कोलारस में होने वाले उपचुनाव के पहले इन चुनाव में दोनों दल पूरी ताकत के साथ जुट गए हैं. प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरु कर दी है,मगर अब तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा दोनों ही दल नहीं कर पाए हैं.
मध्यप्रदेश में डेढ़ दर्जन से ज्यादा नगरीय निकायों के चुनाव होना है. इन चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल सक्रिय हो गए हैं. दोनों ही दलों को उपचुनाव के पहले होने वाले इन चुनाव के परिणामों की चिंता सताने लगी है. करीब 19 नगरीय निकायों में चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 17 जनवरी को मतदान की तारीख तय कर दी है. मतदान के लिए नामांकन भरने का सिलसिला भी शुरु हो गया है, मगर अब तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है. भाजपा ने प्रत्याशी चयन की जवाबदारी जहां जिला चुनाव समिति को सौंपी है. वहीं अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों का चयन संभागीय चुनाव समिति करेगी. पार्टी के प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह ने बताया कि निकाय चुनाव के लिए सहमति के आधार पर प्रत्याशियों के चयन के लिए पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सक्रियता के साथ विचार विमर्श प्रारंभ कर दिया है. दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी इन चुनावों को पूरी गंभीरता से ले रही है पार्टी ने तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है, जिसमें ताराचंद पटैल, कलावती भूरिया और सैयद साजिद अली को शामिल किया गया है. यह कमेटी पर्यवेक्षकों एवं अन्य के साथ-साथ पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ समन्वय बनाएगी. पूरी चुनावी प्रक्रिया की मानीटरिंग करेगी. अधिकांश नगरीय निकाय के चुनाव निमाड़, मालवा अंचल में होने हैं. इस लिहाज से दोनों ही दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों नंदकुमार सिंंह चौहान और कांग्रेस के अरुण यादव की प्रतिष्ठा इन चुनावों पर दाव पर लगी हुई है. अरुण यादव ने सक्रियता भी दिखानी शुरु कर दी है. वहीं कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की चल रही नर्मदा यात्रा का निमाड़ क्षेत्र में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव पर प्रभाव होना है.
उपचुनाव पर पड़ेगा असर
भाजपा और कांग्रेस का पूरा ध्यान फिलहाल नगरीय निकाय चुनाव पर है. दोनों ही दलों के नेता यह मानते हैं कि नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम उपचुनाव पर असर दिखाएंगे. मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव की अभी चुनाव आयोग ने घोषणा नहीं की है लेकिन वहां भाजपा की ओर से स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी जमकर मैदान संभाले हुए हैं तो कांग्रेस की ओर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके सहयोगी सत्ताधारी दल का डटकर सामना कर रहे हैं. दोनों ही दलों के बाकी नेता अब इन नगरीय निकाय के चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे क्योंकि यदि मुंगावली और कोलारस में हारते हैं तो फिर नगरीय निकाय चुनाव में मिली जीत को प्रदेश की जनता का 2018 के लिए संदेश बताया जाएगा.
मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए जनवरी माह की 17 तारीख को होने वाले नगरीय निकाय के चुनाव चिंता का कारण बन गए हैं. मुंगावली और कोलारस में होने वाले उपचुनाव के पहले इन चुनाव में दोनों दल पूरी ताकत के साथ जुट गए हैं. प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरु कर दी है,मगर अब तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा दोनों ही दल नहीं कर पाए हैं.
मध्यप्रदेश में डेढ़ दर्जन से ज्यादा नगरीय निकायों के चुनाव होना है. इन चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल सक्रिय हो गए हैं. दोनों ही दलों को उपचुनाव के पहले होने वाले इन चुनाव के परिणामों की चिंता सताने लगी है. करीब 19 नगरीय निकायों में चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 17 जनवरी को मतदान की तारीख तय कर दी है. मतदान के लिए नामांकन भरने का सिलसिला भी शुरु हो गया है, मगर अब तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है. भाजपा ने प्रत्याशी चयन की जवाबदारी जहां जिला चुनाव समिति को सौंपी है. वहीं अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों का चयन संभागीय चुनाव समिति करेगी. पार्टी के प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह ने बताया कि निकाय चुनाव के लिए सहमति के आधार पर प्रत्याशियों के चयन के लिए पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सक्रियता के साथ विचार विमर्श प्रारंभ कर दिया है. दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी इन चुनावों को पूरी गंभीरता से ले रही है पार्टी ने तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है, जिसमें ताराचंद पटैल, कलावती भूरिया और सैयद साजिद अली को शामिल किया गया है. यह कमेटी पर्यवेक्षकों एवं अन्य के साथ-साथ पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ समन्वय बनाएगी. पूरी चुनावी प्रक्रिया की मानीटरिंग करेगी. अधिकांश नगरीय निकाय के चुनाव निमाड़, मालवा अंचल में होने हैं. इस लिहाज से दोनों ही दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों नंदकुमार सिंंह चौहान और कांग्रेस के अरुण यादव की प्रतिष्ठा इन चुनावों पर दाव पर लगी हुई है. अरुण यादव ने सक्रियता भी दिखानी शुरु कर दी है. वहीं कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की चल रही नर्मदा यात्रा का निमाड़ क्षेत्र में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव पर प्रभाव होना है.
उपचुनाव पर पड़ेगा असर
भाजपा और कांग्रेस का पूरा ध्यान फिलहाल नगरीय निकाय चुनाव पर है. दोनों ही दलों के नेता यह मानते हैं कि नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम उपचुनाव पर असर दिखाएंगे. मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव की अभी चुनाव आयोग ने घोषणा नहीं की है लेकिन वहां भाजपा की ओर से स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी जमकर मैदान संभाले हुए हैं तो कांग्रेस की ओर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके सहयोगी सत्ताधारी दल का डटकर सामना कर रहे हैं. दोनों ही दलों के बाकी नेता अब इन नगरीय निकाय के चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे क्योंकि यदि मुंगावली और कोलारस में हारते हैं तो फिर नगरीय निकाय चुनाव में मिली जीत को प्रदेश की जनता का 2018 के लिए संदेश बताया जाएगा.
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