गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

महिलाओं को मिले बराबरी का हक


 खजुराहो अंतरराट्रीय फिल्म फेस्टीवल में शामिल हुई फ्रांस की अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता मेरिन बोर्गो ने कहा  कि समाज में महिलाओं का सम्मान एवं बराबरी का हक जरूरी है. इस दिशा में भारत के प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी अच्छी पहल कर रहे है. बेटी बचाओ, बेटी पढाओ प्रधानमंत्री का आह्वान न सिर्फ भारत बल्क पूरे विश्व में इसकी प्रसंशा हो रही है. मेरिन बोर्गो यहां महिलाओं पर केंद्रित फिल्म प्रदर्शन का शुभारंभ करते हुए महिलाओं को संबोधित कर रही थी. उनके उदबोधन का अनुवाद फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी कर रही थी, ताकि ग्रामीण महिलाएं उनकी बातों को समझ सकें. फिल्म प्रदर्शन के पूर्व महिलाओं के लिए महिलाओं और बालिकाओं के लिए नारी सशक्तिकरण पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया.
खजुराहो दुनिया की खास जगह  मेरिन बोर्गो ने बताया कि खजुराहो दुनिया की खास जगह है में यहां की नारी शक्ति को प्रणाम करती हूँ, मैं राजनैतिक नहीं हूँ पर मैंने यहाँ के प्रधान मंत्री मोदी के बारे में सुना है कि वो औरतों की बहुत इज्जत करते हैं,और उन्होंने कई योजनाएं नारी शक्ति के विकास के लिए चला रखीं हैं जिसके कारण उनकी चर्चा होती है. उन्होंने कहा कि नारी में पुरुषों की अपेक्षा इतनी शक्ति है कि अगर वो दुनिया का नेतृत्व करे तो विश्व में कहीं युद्ध होगा ही नहीं,औरतों के पास समाज का स्वास्थ्य, व्यवस्थाएं ठीक करने की चाबी है,आगे कहा कि आपके देश में अभी भी कुछ जगह ऐंसी बाकी हैं जहां पर आज भी बेटी पैदा होने पर चिंता की जाती है वहां सोच बदलना पड़ेगी.
बेंटियों को आत्मनिर्भर बनाएं
मेरिन बोर्गो ने सभी महिलाओं से  मदर टेरेशा के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया उन्होंने कहा कि बेटी को 14 वर्ष की होने पर घर न बैठाएं बल्कि उसे कॉलेज स्कूल भेजें और अपने पैरों पर खड़ा करने में मदद करें जिस तरह अगर दुनिया में पेड़ के बिना जीवन का संकट पैदा होने का अंदेशा है ठीक उसी प्रकार पेड़ों की तरह बेटियां भी हैं जिनके बिना संसार मुमकिन नहीं है इस अवसर पर स्कूलों की बच्चियां और अध्यापिकाओं के साथ आंगनवाड़ी परिवार की सदस्याएं भी शामिल रहीं



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