मंडियों में भावांतर भुगतान योजना के लिए खरीदे 3 करोड़ से अधिक के उपकरण
मध्यप्रदेश की मंडियों में भावांतर भुगतान योजना के कार्य को संपादन करने के लिए सरकार ने 3 करोड़ से अधिक के कम्प्यूटर, लैपटाप आदि उपकरण बिना प्रस्ताव के सचिवों से चर्चा कर खरीद लिए. इनकी खरीदी योजना में कार्याें की आवश्यकता पर किया जाना बताया है.
राज्य विधानसभा में यह जानकारी आज कांग्रेस विधायक मुकेश नायक के प्रश्न के लिखित जवाब में किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने दी. मंत्री ने बताया कि राज्य की 257 मंडियों में से 39 मंडियां ए श्रेणी, 42 मंडियां बी श्रेणी और 56 मंडियां सी श्रेणी की हैं. इन मंडियों में मुख्यमंत्री भावांतर योजना के तहत कम्प्यूटर, लैपटाप, प्रिंटर, यूपीएस, इन्वर्टर की खरीदी की गई है. मंत्री ने बताया कि इसके लिए मंडी समितियों से प्रस्ताव नहीं मिले थे, बल्कि मंडी सचिवों से चर्चा के आधार पर उनकी मंडी में उपलब्ध संसाधनों एवं कार्य की आवश्यकता की समीक्षा के बाद खरीदी की गई. उन्होंने बताया कि यह खरीदी कुल 3, 84, 10459 रुपए की हुई है. मंत्री ने बताया कि प्रदेश की अधिकांश मंडियों में पूर्व से कम्प्यूटर प्रिंटर आदि उपलब्ध हैं, परन्तु उनका टेली साफ्टवेयर एकाउंटिंग, एकमार्कनेट पोर्टल पर कृषि उपज की दरों को इंद्राज करने, ई- नेम, डाटाबसे तैयार करने में उपयोग किया जा रहा है. इसलिए भावांतर भुगतान योजना में कार्याें की आवश्यकता को देख मंडी समितियों के लिए अलग से लैपटाप, डेस्कटाप कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और इन्वर्टर की खरीदी गई है.
मध्यप्रदेश की मंडियों में भावांतर भुगतान योजना के कार्य को संपादन करने के लिए सरकार ने 3 करोड़ से अधिक के कम्प्यूटर, लैपटाप आदि उपकरण बिना प्रस्ताव के सचिवों से चर्चा कर खरीद लिए. इनकी खरीदी योजना में कार्याें की आवश्यकता पर किया जाना बताया है.
राज्य विधानसभा में यह जानकारी आज कांग्रेस विधायक मुकेश नायक के प्रश्न के लिखित जवाब में किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने दी. मंत्री ने बताया कि राज्य की 257 मंडियों में से 39 मंडियां ए श्रेणी, 42 मंडियां बी श्रेणी और 56 मंडियां सी श्रेणी की हैं. इन मंडियों में मुख्यमंत्री भावांतर योजना के तहत कम्प्यूटर, लैपटाप, प्रिंटर, यूपीएस, इन्वर्टर की खरीदी की गई है. मंत्री ने बताया कि इसके लिए मंडी समितियों से प्रस्ताव नहीं मिले थे, बल्कि मंडी सचिवों से चर्चा के आधार पर उनकी मंडी में उपलब्ध संसाधनों एवं कार्य की आवश्यकता की समीक्षा के बाद खरीदी की गई. उन्होंने बताया कि यह खरीदी कुल 3, 84, 10459 रुपए की हुई है. मंत्री ने बताया कि प्रदेश की अधिकांश मंडियों में पूर्व से कम्प्यूटर प्रिंटर आदि उपलब्ध हैं, परन्तु उनका टेली साफ्टवेयर एकाउंटिंग, एकमार्कनेट पोर्टल पर कृषि उपज की दरों को इंद्राज करने, ई- नेम, डाटाबसे तैयार करने में उपयोग किया जा रहा है. इसलिए भावांतर भुगतान योजना में कार्याें की आवश्यकता को देख मंडी समितियों के लिए अलग से लैपटाप, डेस्कटाप कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और इन्वर्टर की खरीदी गई है.
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