रविवार, 24 जून 2018

पर्यावरण के प्रति सभी को सचेत रहने की जरुरत

सौलर थर्मल तकनीकी  पर कार्यशाला का आयोजन 

स्वच्छ वातावरण अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है. बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हमें स्वच्छता  एवं पर्यावरण के प्रति सभी को सचेत रहने की जरुरी है. स्वस्थ व्यक्ति परिवार, समाज और देशसेवा में अपना योगदान देता है. सौर ऊर्जा पर्यावरण हितैषी है. इसलिए इसका उपयोग बढ़ना चाहिए.
 यह बात नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में सौलर थर्मल तकनीक पर  आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण  ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है. प्राकृतिक  संसाधन जैसे लकड़ी, कोयले की भी कमी आ रही है इसलिए सौर ऊर्जा बढ़ती मांग को पूरा करने का प्रमुख माध्यम है. यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है. इसके साथ ही यह कम खर्चीली है इसलिए औद्योगिक क्षेत्रों में सौलर थर्मल तकनीक का प्रयोग बढ़ना चाहिए. कुशवाह ने कहा संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन  एवं ऊर्जा विकास निगम के सहयोग से परिचर्चा का आयोजन किया है. उन्होनें कहा कार्यशाला में शामिल औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि सीएसटी परियोजना की बारीकियों को समझे. उद्योगों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दें. उन्होंने कहा सीएसटी परियोजना के तहत ऐसे प्लांट लगाये जा सकते हैं जहां जल को गर्म करके भाप उत्पन्न होने से विद्युत उत्पादन किया जा सकता है.
कुशवाह ने कहा सीएसटी परियोजना के तहत भारत सरकार द्वारा 3 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। किसी भी हितग्राही संस्था को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत व्यय करना पड़ता है. इसकी शेष राशि भारतीय नवकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा दी जाती है. इसके साथ ही यूनिडो द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान संस्था को दिया जाता है. उन्होंने कहा सरकार द्वारा परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं.
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के जनरल मैनेजर ने प्रदेश में सीएसटी परियोजना के संचालन के विषय में बताया. संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन के नेशनल प्रोजेक्ट मैनेजर डा. अनिल मिश्रा ने बताया कि नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, ग्लोबल एनर्जी  फंड के संयुक्त तत्वावधान में बिजनेस माडल में सौर ऊर्जा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए परियोजना चलाई जा रही है. यह औद्योगिक क्षेत्रों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा मे महत्वपूर्ण प्रयास है. 

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