कांग्रेस की सरकार बनने पर बिजली विभाग के अनुबंधों की कराई जाएगी जांचकांग्रेस विधायकों की चल रही समानांतर विधानसभा में आज नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग में करोड़ों के घोटाले हुए हैं, इसके सबूत उनके पास हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो बिजली विभाग के सभी अनुबंधों की जाचं की जाएगी. प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली दी जाएगी.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में साढ़े चौदह साल से भाजपा की सरकार है और साढ़े बारह साल से शिवराजसिंह चौहान मुख्यमंत्री है. इन सालों में प्रदेश लगातर हर मूलभूत मानकों में गिर रहा है, मगर मुख्यमंत्री को इसकी चिंंता नहीं है, उन्हें इस बात की चिंता है कि रेत और अन्य माफिया किस तरह आगे बढ़े. उनका एक मूलमंत्र हो गया है, खाओ और खाने दो. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान को भ्रष्ट अधिकारियों, भ्रष्ट मंत्रियों और भाजपा के भ्रष्ट नेताओं ने घेर रखा है. मुख्यमंत्री स्वर्णिम मध्यप्रदेश की बात करते हैं, लेकिन कुपोषण, मातृ व शिशु मृत्युदर को रोकने में प्रदेश अब भी असफल ही रहा है. उन्होंने कहा कि 2003 से मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा ही सदन में पेश नहीं किया है, इस बार पोल खुल जाती, इसलिए सरकार ने सदन नहीं चलने दिया.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बनी तो बिजली विभाग के सभी अनुबंधों की जांच कराई जाएगी. प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली दी जाएगी. रेत खनन को लेकर उन्होंने कहा कि मंत्री रामपाल और विजय पाल खुद इसमें लिप्त हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग में करोड़ों का घोटाला हुआ है, मेरे पास इसके सबूत हैं. एमपी आनलाईन, ई-टेंडरिंग में भी जमकर घोटाला हुआ है.
समानांतर सदन में कांग्रेस विधायकों ने भी सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए. वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन ने विस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे तेज धावक से ज्यादा तेज हमारी विधानसभा दौड़ी है. सत्तापक्ष खुद सदन नहीं चलाना चाहता है और ढिकरा विपक्ष पर फोड़ता है. वहीं सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान को मामा कहलाना अच्छा लगता है, मगर भांजियों की रक्षा नहीं करते. उन्होंने मंदसौर में बलात्कार की शिकार बालिका को लेकर कहा कि बालिका को तुरंत विमान से दिल्ली ले जाकर इलाज कराना चाहिए. कांग्रेस विधायक गिरीश भंडारी ने आरोप लगाया कि सदन संसदीय मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के इशारे पर चला है. उन्हें मिश्रा को असंसदीय मंत्री बताया. विधायक महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने विधानसभा अध्यक्ष डा.सीताशरण शर्मा की निंदा की और कहा कि उनके कार्यकाल में सदन सरकार के इशारे पर ही चला है.
अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष का संवैधानिक अधिकार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है. इसके तहत हमने सदन में अविश्वास प्रस्ताव दिया, मगर सरकार ने इसे प्रस्तुत ही नहीं किया और सदन समाप्त कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे सरकार और उसके मंत्री कुछ छिपाना चाहते थे. वे नहीं चाहते थे कि विपक्ष अपनी बात को सदन में रखे और उनकी पोल खुले. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पुराने विधानसभा में होटल बनाए जाने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया जा रहा है, वह गुड़गांव की कंपनी है और उस कंपनी के बारे में जांच पड़ताल की जाए तो असल चेहरा सामने आ जाएगा.
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