रविवार, 24 जून 2018

विस का मानसून सत्र आज से

कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, सरकार तैयार कर रही जवाब

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार होने के आसार है. कांग्रेस सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रही है. वहीं सरकार ने प्रस्ताव का जवाब देने की तैयारी कर ली है. दोनों ही दलों ने आज विधायकों की बैठक कर रणनीति बनाई है.
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का शुरुआत कर सोमवार से होगी. कांग्रेस ने सत्र में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना के बाद शनिवार को 51 बिन्दुओं वाला अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को सौंप दिया है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा 17 पेज का अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को दिया गया है. इसके बाद दो दिन से प्रस्ताव की तैयारी के लिए अधिकारी जुटे है. आज रविवार का दिन होने के बाद भी अधिकारी मंत्रालय पहुंचे और जवाब बनाते रहे. बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव में किसानों, कर्मचारियों सहित अन्य मुद्दों को कांग्रेस ने उठाया है. वहीं सरकार ने भी इसके जवाब की तैयारी कर ली है. आज भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के विधायकों की बैठक संपन्न हुई. कांग्रेस ने जहां बैठक में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने की रणनीति तय की है. वहीं भाजपा विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के हर मुद्दे का करारा जवाब देने को विधायकों को कहा गया है. 
करा रहे परीक्षण
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस उन्हें मिल गया है. वे इसका परीक्षण करा रहे हैं.
लगाई धारा 144
  कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सुदाम खाडे ने विधानसभा सत्र के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत आदेश जारी कर दिया है, जो 25 जून से 29 जून  तक विभिन्न क्षेत्रों में लागू रहेगा.जारी आदेश के मुताबिक उल्लेखित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे. कोई व्यक्ति किसी जुलूस-प्रदर्शन का न तो निर्देशन करेगा और न उसमें भाग लेगा तथा न ही कोई सभा आयोजित की जाएगी. आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा. कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा, जिसके चलते शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग और सार्वजनिक या निजी सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता हो. 

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