केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में देश के 41 शहरों के प्रतिनिधियों को विभिन्न वर्गों में स्वच्छता सम्मान प्रदान किये. स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में विभिन्न वर्गों में 41 शहरों को स्वच्छता को आचरण में लाने के लिये सम्मानित किया गया.
केन्द्रीय राज्य मंत्री पुरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को स्वच्छ रखने के लिये जो आह्वान किया था, आज वह जन-आंदोलन बन गया है. देश में स्वच्छता का कार्य अब सरकारी कार्य नहीं रह गया है, बल्कि लोगों के आचरण में आने लगा है. केन्द्रीय राज्य मंत्री पुरी ने महात्मा गाँधी की बात का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता वर्तमान परिवेश में ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वी जयंती 2 अक्टूबर 2019 तक हमारा देश पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जायेगा. उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान जब प्रारंभ हुआ था, तब देश में 67 लाख व्यक्तिगत शौचालय और 5 लाख सार्वजनिक शौचालय अक्टूबर-2018 तक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. अभियान को मिले जन-समर्थन से आज देश में 57 लाख व्यक्तिगत शौचालय और 3 लाख 80 हजार सार्वजनिक शौचालय बनाये जा चुके हैं. केन्द्रीय राज्य मंत्री पुरी ने वर्ष 2016, 2017 और 2018 में हुए सर्वेक्षण के आंकड़े भी प्रस्तुत किये. पुरी ने जानकारी दी कि वर्ष 2016 के सर्वे में 73 शहरों ने, वर्ष 2017 में 432 और वर्ष 2018 में 4 हजार 203 शहरों ने भागीदारी की है.
नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने कहा कि प्रदेश के हर शहर और मोहल्ले में जनता ने स्वच्छता को आत्मसात किया है. दो वर्ष पहले यह सफर कठिनाईयों में शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे आसान होता चला गया और अब स्वच्छता लोगों के आचरण में दिखाई देने लगी है. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद थे.

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