हंगामा होने पर विधानसभा की कार्यवाही करनी पड़ी मंगलवार तक के लिए स्थगित
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हंगामें के चलते खत्म हो गया. हंगामें के कारण कार्यवाही को दो बार स्थगित भी करना पड़ा. अंत में जब हंगामा तेज हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने आज की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी. इस दौरान कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया.
कांग्रेस विधायक आज सुबह से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए थे. सुबह कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने जहां पांच दिवसीय इस सत्र की समय सीमा बढ़ाने की मांग की, वहीं विधानसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विधायक नारेबाजी करते हुए सदन में प्रवेश करते नजर आए. हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक राम निवास रावत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने आसंदी से अनुमति मांगी. विधानसभा स्पीकर ने कहा कि विपक्ष की सूचना पर प्रस्ताव को चर्चा में लेने पर विचार होगा.
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ तीन दर्जन आरोप के बिंदु शामिल किए गए हैं. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा विधानसभा को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव में प्रमुख रूप से ई-टेंडरिंग घोटाले समेत प्रदेश में कुपोषण की भयावह स्थिति, महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार, किसानों द्वारा लगातार की जा रही आत्महत्या, उद्यानिकी विभाग में हुए घोटाले, प्रदेश में महंगी बिजली खरीदी, नर्मदा सेवा यात्रा और प्याज घोटाले का जिक्र है. इसके साथ ही कर्ज में डूबे प्रदेश को भी अविश्वास प्रस्ताव में शामिल किया गया है.
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर विधानसभा में चर्चा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री ने कहा विपक्ष के प्रस्ताव में कोई दम नहीं वहीं कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाए. नियमों का विषय उठाते हुए डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष के हस्ताक्षर ही नहीं है, ऐसे में प्रस्ताव कानूनी रूप से अवैध है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से भाग रही है. सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराए. उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम जनता के बीच में जाएंगे और ये सिर्फ छपने के लिए नहीं है. इस बीच हंगामा होता रहा. विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा ने आज की कार्यसूची के विषयों को निपटाया और सदन की आज की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी.
पोस्टर लहराए
कांग्रेस विधायकों ने मंदसौर गोलीकांड को लेकर भी सदन में मारे गए किसानों वाले पोस्टर लहराए. कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग पूरे समय शरीर पर मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग संबंधी पोस्टर लगाए रहे. उन्होंने के बाहर भी सरकार का विरोध किया.
मांगा पांच साल का हिसाब
विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायको ने जमकर नारेबाजी की. विपक्ष ने सरकार से पांच साल का हिसाब मांगा. इसके साथ-साथ प्रदेश को न्याय दिलाने को लेकर जमकर नारे लगाए. वहीं कांग्रेस विधायकों ने ई टेंडरिंग घोटाले पर भी जमकर नारे बाजी की और सरकार पर आरोप लगाए. सदन में जाने से पहले कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सत्र में प्रमुख मुद्दा भ्रष्टाचार को बनाएंगे.
सरकार ने प्रस्तुत किया अनुपूरक बजट
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया. इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया. अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया. इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया. इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया. सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी. इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है. इसके अलावा अध्यापक संवर्ग को 7 वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7 वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
किसने क्या कहा
* संसदीय कार्यमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि जो परिवार में विश्वास नही जीत पाया हो वह सदन में क्या विश्वास लाएगा और जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा घोटाले किये हो वह क्या अविश्वास लाएगी.
* कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा है कि वर्तमान सरकार में अनेक घोटाले हुए है जिसमें सबसे बड़ा घोटाला ई-टेन्डर का है और सत्र इस बार का सबसे कम दिनो का है इसे बढ़ाया जाना चाहिए.
* सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है की पहले परिवार का विश्वास जीते फिर सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएं. बयानों का सिलसिला यहीं नहीं थमा इनके बाद पीडब्ल्यू डी मंत्री रामपाल ने कहा है कि सरकार ने सबसे ज्यादा काम किया है और इसी को लेकर यह सारे आरोप लगाये जा रहे हैं.
* कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का कहना है की सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और सरकार ने किसानो के साथ सबसे ज्यादा ज्यादती की है अब भाजपा की सरकार तीन चार माह की और बची है उसके बाद जनता सबक सिखाएगी.
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हंगामें के चलते खत्म हो गया. हंगामें के कारण कार्यवाही को दो बार स्थगित भी करना पड़ा. अंत में जब हंगामा तेज हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने आज की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी. इस दौरान कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया.
कांग्रेस विधायक आज सुबह से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए थे. सुबह कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने जहां पांच दिवसीय इस सत्र की समय सीमा बढ़ाने की मांग की, वहीं विधानसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विधायक नारेबाजी करते हुए सदन में प्रवेश करते नजर आए. हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक राम निवास रावत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने आसंदी से अनुमति मांगी. विधानसभा स्पीकर ने कहा कि विपक्ष की सूचना पर प्रस्ताव को चर्चा में लेने पर विचार होगा.
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ तीन दर्जन आरोप के बिंदु शामिल किए गए हैं. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा विधानसभा को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव में प्रमुख रूप से ई-टेंडरिंग घोटाले समेत प्रदेश में कुपोषण की भयावह स्थिति, महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार, किसानों द्वारा लगातार की जा रही आत्महत्या, उद्यानिकी विभाग में हुए घोटाले, प्रदेश में महंगी बिजली खरीदी, नर्मदा सेवा यात्रा और प्याज घोटाले का जिक्र है. इसके साथ ही कर्ज में डूबे प्रदेश को भी अविश्वास प्रस्ताव में शामिल किया गया है.
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर विधानसभा में चर्चा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री ने कहा विपक्ष के प्रस्ताव में कोई दम नहीं वहीं कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाए. नियमों का विषय उठाते हुए डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष के हस्ताक्षर ही नहीं है, ऐसे में प्रस्ताव कानूनी रूप से अवैध है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से भाग रही है. सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराए. उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम जनता के बीच में जाएंगे और ये सिर्फ छपने के लिए नहीं है. इस बीच हंगामा होता रहा. विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा ने आज की कार्यसूची के विषयों को निपटाया और सदन की आज की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी.
पोस्टर लहराए
कांग्रेस विधायकों ने मंदसौर गोलीकांड को लेकर भी सदन में मारे गए किसानों वाले पोस्टर लहराए. कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग पूरे समय शरीर पर मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग संबंधी पोस्टर लगाए रहे. उन्होंने के बाहर भी सरकार का विरोध किया.
मांगा पांच साल का हिसाब
विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायको ने जमकर नारेबाजी की. विपक्ष ने सरकार से पांच साल का हिसाब मांगा. इसके साथ-साथ प्रदेश को न्याय दिलाने को लेकर जमकर नारे लगाए. वहीं कांग्रेस विधायकों ने ई टेंडरिंग घोटाले पर भी जमकर नारे बाजी की और सरकार पर आरोप लगाए. सदन में जाने से पहले कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सत्र में प्रमुख मुद्दा भ्रष्टाचार को बनाएंगे.
सरकार ने प्रस्तुत किया अनुपूरक बजट
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया. इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया. अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया. इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया. इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया. सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी. इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है. इसके अलावा अध्यापक संवर्ग को 7 वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7 वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
किसने क्या कहा
* संसदीय कार्यमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि जो परिवार में विश्वास नही जीत पाया हो वह सदन में क्या विश्वास लाएगा और जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा घोटाले किये हो वह क्या अविश्वास लाएगी.
* कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा है कि वर्तमान सरकार में अनेक घोटाले हुए है जिसमें सबसे बड़ा घोटाला ई-टेन्डर का है और सत्र इस बार का सबसे कम दिनो का है इसे बढ़ाया जाना चाहिए.
* सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है की पहले परिवार का विश्वास जीते फिर सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएं. बयानों का सिलसिला यहीं नहीं थमा इनके बाद पीडब्ल्यू डी मंत्री रामपाल ने कहा है कि सरकार ने सबसे ज्यादा काम किया है और इसी को लेकर यह सारे आरोप लगाये जा रहे हैं.
* कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का कहना है की सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और सरकार ने किसानो के साथ सबसे ज्यादा ज्यादती की है अब भाजपा की सरकार तीन चार माह की और बची है उसके बाद जनता सबक सिखाएगी.
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