
केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनन्त कुमार ने कहा है कि मध्यप्रदेश की तरह दूसरे प्रदेशों में भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनाया जाना चाहिए. पाठ्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों के बारे में भी अध्याय होना चाहिए.केन्द्रीय मंत्री अनन्त कुमार आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में आज विधानसभा में विधेयक पारित कर लोकतंत्र सेनानियों के लिए कानून बनाया गया है.उन्होंने कहा कि आपातकाल, लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है.
केन्द्रीय मंत्री अनन्त कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का दमन करने वालों की जनता ने छुट्टी कर दी है.लोकतंत्र बचाने के लिए जो संघर्ष लोकतंत्र सेनानियों ने किया, उसे पूरे देश और दुनिया ने स्वीकारा है. लोकतंत्र सेनानी आजादी की दूसरी लड़ाई लड़े थे. स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान मिलना चाहिए. उनका संघर्ष प्रेरणा देने वाला है. मध्यप्रदेश ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए काम कर पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है.उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी लोगों को हमेशा सचेत रहना होगा.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र सेनानियों पर अमानुषिक अत्याचार हुए थे.कई परिवार तबाह हो गये थे. लोकतंत्र को कलंकित किया गया था. लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण लोकतंत्र पुनर्स्थापित हुआ था.लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कर प्रदेश सरकार ने अपना कर्तव्य पूरा किया है.हमें संकल्प लेना चाहिए कि फिर लोकतंत्र को कलंकित नहीं होने देंगे. लोकतंत्र को जिनसे खतरा है, उनसे हमेशा सावधान रहेंगे.
महिला लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
कार्यक्रम में सांसद राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिये लोकतंत्र सेनानियों का योगदान हमेशा याद रहेगा. युवा पीढ़ी को यह हमेशा प्रेरणा देता रहेगा.कार्यक्रम में स्वागत भाषण लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने दिया. कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ की स्मारिका का विमोचन किया गया.साथ में महिला लोकतंत्र सेनानियों सविता वाजपेई, उमा शुक्ला, जयश्री बैनर्जी,कांता चोपड़ा और रामकली मिश्रा की पुत्री आरती इलैया का सम्मान किया गया.
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