शुक्रवार, 29 जून 2018

गरीबी भाषण से नहीं, ठोस नीतियों से हटती है: गुप्ता


गरीबी भाषण से नहीं, सरकार द्वारा बनायी जाने वाली ठोस नीतियों से हटती है. राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात वार्ड-47 में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में असंगठित श्रमिकों के कार्ड वितरण कार्यक्रम में कही. वार्ड-47 के 4 हजार असंगठित श्रमिकों को योजना के स्मार्ट कार्ड वितरित किए गए.
गुप्ता ने कहा कि सरकार ने गरीबी हटाने के लिए सबसे पहले एक रुपए किलो गेहंू, चावल और नमक देने की शुरूआत की. प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोगों को यह सुविधा मिल रही है. इसके बाद मुख्यमंत्री कन्यादान, निकाह योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अनेक योजनाएं और संबल योजना के माध्यम से गरीबी के अभिशाप को हटाने का पुख्ता इंतजाम किया गया है. योजना में शामिल परिवारों के बच्चों की फीस सरकार भरेगी. इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. गर्भवती महिलाओं को 4 हजार रुपये, प्रसव पर 12 हजार रुपए दिए जाएंगे. दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख और सामान्य मौत पर 2 लाख रुपए तथा अपंगता पर एक लाख रुपए मिलेंगे. अंत्योष्ठी के लिए 5 हजार रुपए दिए  जाएगे. बिजली का बिल 200 रुपए महीना लगेगा. पुराना बिल माफ कर दिया जाएगा. गुप्ता ने बताया कि योजना शहर के सभी व्यक्ति पात्र होंगे जो आयकर दाता नहीं हैं और शासकीय सेवा में नहीं है. इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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