वादाखिलाफी से नाराज अध्यापकों का आमरण अनशन आज मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. इस आंदोलन में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से अध्यापकों के राजधानी पहुंचने का सिलसिला जारी है.
राज्य सरकार ने अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन किए जाने के साथ शिक्षक कैडर देने और अन्य सुविधाओं का भरोसा दिलाया था, शिक्षकों को कैडर दे दिया गया लेकिन सुविधाओं से वंचित किए जाने के साथ उनकी वरिष्ठता को खत्म कर दिया. इससे अध्यापक नाराज हैं और आंदोलन की राह पर है. राजधानी के शाहजहानी पार्क में सोमवार को यह आमरण अनशन शुरू हुआ था, जो आज मंगलवार को भी जारी रहा.
राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि राज्य के अध्यापकों की मांग है कि एक विभाग एक कैडर दिया जाए. अध्यापकों का आरोप है कि अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग के समान सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता पदनाम वेतन सहित समस्त सुविधाएं दिए जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, इसके विपरीत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक बनाए जाने के कैबिनेट निर्णय में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सुविधाओं का जिक्र ही नहीं है. लिहाजा अध्यापकों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता चुना है. रविवार को अध्यापकों ने विधानसभा के घेराव का प्रयास किया, मगर उन्हें रास्ते में रोक दिया गया था.
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