सोमवार, 25 जून 2018

बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज यहां बुंदेली समारोह एवं अमृत महोत्सव कलश स्थापना कार्यक्रम में कहा कि बुंदेलखण्ड में महान योद्धा, राजा, साहित्यकार और समाजसेवियों ने जन्म लिया है. बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता.
राज्यपाल पटेल ने कहा कि बुंदेलखण्ड की सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्परायें महान और प्राचीन हैं. छत्रसाल ऐसे महान योद्धा थे, जो तलवार के साथ कलम से भी समाज और देश को कुरीतियों से बचाने की कोशिश करते रहे. छत्रसाल ने विस्तृत बुंदेलखंड राज्य की गरिमामय स्थापना ही नहीं की थी, वरन साहित्य सृजन कर जीवंत काव्य भी रचे.
राज्यपाल पटेल ने प्रसिद्ध बुंदेली कवी  कैशल मड़बैया को अमृत महोत्सव की बधाई दी. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को आज विकास की बहुत आवश्यकता है. हमारे प्रधानमंत्री ने 'सबका साथ सबका विकास' का नारा देकर देश में एकता, विकास, समरसता और सौहार्द का वातावरण निर्मित किया है. राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर बुंदेली भाषा के कवि  कैलाश मड़बैया सहित अन्य कवियों और पत्रकारों को शाल,श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर राज्यपाल ने बुंदेली नृत्य दल द्वारा प्रस्तुत राई नृत्य भी देखा.

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