राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्य करने वाले डाटा एंट्री आपरेटर अपनी मांगों को लेकर 4 जुलाई से तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो आपरेटर मुख्यमंत्री निवास पर भूख हड़ताल करेंगे.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डाटा एंट्री आपरेटर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि वर्ष 2007-08 से पूर्व से कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा एंट्री आपरेटरों के साथ विभाग द्वारा प्रारंभ से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. आपरेटरों को मूलभूत सुविधाओं, जैसे सम्मानजनक वेतन आदि से वंचित रखा गया, जबकि शासन के अन्य विभाग जैसे शिक्षा, पंचायत, पीडब्ल्यूडी आदि में डाटा एंट्री आपरेटर, कम्प्यूटर आपरेटर का वेतन लगभग 18 हजार रुपए से ज्यादा है.
सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश द्वारा जारी 5 जून की नियमिति करण नीति जारी होने के बाद भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा एंट्री आपरेटरों का वेतन कलेक्टर दर पर प्रस्तावित कर दिया गया, जो कि शासन द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन है तथा मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मचारियो को नियमित कर्मचारी के वेतन का 90 प्रतिशत वेतन देने के आदेश की अवहेलना है.
यादव ने बताया कि इस कारण डाटा एंट्री आपरेटर संघ द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी संविदा डाटा एंट्री आपरेटर 4 से 6 जुलाई तक लगातार 3 दिन सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. 4 जुलाई को विभाग के मुखिया मिशन संचालक को ज्ञापन प्रस्तुत करने हेतु एनएचएम आफिस भोपाल मे बड़ी संख्या मे एकत्रित होगे. संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र यादव द्वारा बताया गया कि यदि उक्त हड़ताल के बाद भी विभाग द्वारा उनकी मांगे नहीं मानी गई तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के समस्त संविदा डाटा एंट्री आपरेटर मुख्यमंत्री के निवास पर जाकर क्रमिक भूख हड़ताल प्रारंभ करेंगे.
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