राजधानी भोपाल के निकट बैरसिया में दबंगों द्वारा दलित किसान को जिंदा जलाने की घटना के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदर्शन किया. छह नंबर बस स्टाप पर सरकार की अर्थी निकाली और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे जलाया.
बैरसिया में दलित किसान की जमीन पर कब्जा करने वाले दबंगों द्वारा किसान को जिंदा जलाने की घटना के बाद कांग्रेस ने आज विरोध जताया और राज्य सरकार की अर्थी निकालकर उसे जलाया. कांग्रेस के पी.सी.शर्मा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कांगे्रस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार के कार्यकाल में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे दलितों और किसानों को जिंदा जला रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस तरह के मामलों में मौन साधे हुए है. कांगे्रस ने मांग की कि सरकार को इस मामले में जांच कराकर दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बैरसिया में दलित किसान किशोरीलाल अपने खेत पर पत्नी तंखिया के साथ पहुंचा तो उसने देखा कि उसके खेत को गांव के दबंग तीरन, उसका बेटा प्रकाश और भतीजा संजू एवं बलवीर जोत रहे हैं. इसका उसने विरोध किया तो दबंगों ने किसान पर पेट्राल डालकर आग लगा दी थी. इस दौरान किसान की पत्नी चीखती रही, मगर दबंगों को तरस नहीं आया. बाद में किसान की मौत हो गई. पुलिस मामले में फरार आरोपियों की तलाश कर रही है.
मुआवजा और नौकरी दे सरकार
भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने किशोरी लाल को साढ़े तीन एकड़ भूमि पट्टे पर दी थी. इसके बाद से ही दबंग किसान को परेशान करते थे.इस संबंध में प्रशासन ने कभी भी गंभीरता नहीं दिखाई. मिश्रा ने कहा कि किसान को जिंदा जला देना गंभीर घटना है, सरकार इस मामले को लेकर मौन है. उन्होंने कहा कि किसान के परिजनों को करोड़ का मुआवजा सरकार को देना चाहिए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जानी चाहिए.

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